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प्रशांत किशोर की भविष्यवाणी से गरमाई सियासत ,उत्तर प्रदेश में क्या BJP को होगा मोटा नुकसान?-जानें

नई दिल्लीः देश भर में इस समय लोकसभा चुनाव का माहौल बना हुआ है. चुनाव अपने पांचवे चरण की ओर है. यही कारण है कि अब जीत और हार का अनुमान लगना शुरू हो चुका है. मध्य प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों पर मतदान हो चुका है और अब चुनाव नतीजों का बेसब्री से इंतजार है. एक तरफ जहां बीजेपी 400 पार सीटें लाने का दावा कर रही है तो वहीं दूसरी ओर प्रशांत किशोर भी बड़ा दावा करते नजर आ रहे हैं. लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान अलग-अलग दावों और भविष्यवाणियों के बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) ने उत्तर प्रदेश (यूपी) की स्थिति साफ कर दी है

बीजेपी को करीब 50 सीट का नुकसान होगा

जन सुराज के संस्थापक पीके का प्रेडिक्शन है कि कुल 80 लोकसभा सीटों वाले यूपी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को इस आम चुनाव में कोई नुकसान नहीं होने वाला है.अंग्रेजी न्यूज चैनल ‘इंडिया टुडे’ को दिए इंटरव्यू में पीके से उस दावे पर सवाल किया गया था, जिसमें कहा गया है कि यूपी में बीजेपी को करीब 50 सीट का नुकसान होगा.पीके ने पत्रकार के सवाल पर जवाब दिया, “कुछ लोग कह रहे हैं कि यूपी में इस बार नंबर (बीजेपी की सीटों का) घट रहा है. लोग भूल गए हैं, उनकी याददाश्त कम है.”चुनावी रणनीतिकार बोले, “पिछली बार बिहार-यूपी मिलाकर बीजेपी को 25 सीटों का नुकसान (साल 2014 के मुकाबले) हुआ था, जो बंगाल जैसे राज्यों से पूरा हुआ था.”

बीजेपी को हुए नुकसान की वजह बताई

मूल रूप से बिहार से नाता रखने वाले पीके ने बीजेपी को हुए नुकसान की वजह भी बताई. उन्होंने कहा, “वह नुकसान इसलिए हुआ था, क्योंकि बसपा और सपा साथ में लड़े थे.”प्रशांत किशोर के आगे कहा, “बीजेपी 73 से घटकर 62 सीटों पर आ गई थी. अगर बीजेपी को यूपी में 20 सीटों का नुकसान हो रहा है तब मैं कहूंगा कि उनकी सीट घटी कहां?”पीके के अनुसार, बीजेपी की सीटें तो 62 हैं ही. 18 वे लोग पहले ही हारे हुए हैं. नुकसान उस स्थिति में होगा, जब आप यह कहें कि यूपी में बीजेपी वाले 40-50 सीटें हार रहे हैं.इंटरव्यू के दौरान चुनावी रणनीतिकार ने यह भी बताया कि यूपी में बीजेपी वाले 40-50 सीटें हार रहे हैं, ऐसा न तो पक्ष कह रहा है और न ही विपक्ष की ओर से कहा जा रहा है.

प्रशांत किशोर का चौंकाने वाला दावा

प्रशांत किशोर का कहना है कि अगर ऐसा होता भी है तो इसे बीजेपी के लिए नुकसान नहीं कहा जाएगा. क्यों बीजेपी पहले ही 18 सीटों पर यूपी में हारी हुई है. 2019 में बीजेपी को 62 सीटें ही तो मिली थी. प्रशांत किशोर ने कहा, “लोग कह रहे हैं कि यूपी में नंबर घट रहा है. पिछली बार बिहार और यूपी मिलाकर बीजेपी को करीब 25 सीटों का नुकसान हुआ था. वो नुकसान इसलिए हुआ था क्योंकि यूपी में सपा-बसपा का गठबंधन था और 2014 में 73 सीटें जीने वाली बीजेपी घटकर 2019 में 62 पर आ गई थी.”

बीजेपी की सरकार बनने का किया दावा

उन्होंने कहा, “अगर कोई कह रहा है कि यूपी में बीजेपी को 20 सीटों का नुकसान हो रहा है तो मैं कहूंगा कि फिर बीजेपी की सीट कम कहां हुई. नुकसान कहां हैं? अभी 62 तो हैं हीं यानी 18 सीटें तो पहले से हारे हुए हैं. नुकसान तो तब होगा अगर आप ये कहें कि यूपी में बीजेपी की 40-50 सीटें कम हो रही है और ये न पक्ष कह रहा है और ना ही विपक्ष.”प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछली बार यूपी-बिहार में बीजेपी को जो नुकसान हुआ था, उसकी भरपाई उन्होंने पश्चिमी बंगाल से कर ली थी. यही नहीं उन्होंने इस बार भी बीजेपी की सरकार बनने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी इस बार भी 300 के पार रहेगी. तीसरी बार भी नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे. इसकी वजह ये हैं कि लोगों में पीएम मोदी को लेकर खास गुस्सा नहीं है.

‘बीजेपी को 15 से 20 सीटों का फायदा’

इंटरव्यू के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा था कि उत्तर और पश्चिम में करीब 325 लोकसभा सीटें हैं. यह क्षेत्र 2014 से बीजेपी का गढ़ रहा है. मौजूदा लोकसभा चुनाव में भी पश्चिम और उत्तर में बीजेपी को कोई खास नुकसान होता नहीं दिख रहा है. वहीं पूर्व और दक्षिण में, जहां करीब 225 सीटें हैं. वर्तमान में बीजेपी के पास इन राज्यों में 50 से कम सीटें हैं. पहले भले ही बीजेपी का प्रदर्शन इन जगहों पर अच्छा नहीं रहा हो, लेकिन इस चुनाव ओडिशा, तेलंगाना, बिहार, आंध्र, बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल जैसे दक्षिण-पूर्वी राज्यों में बीजेपी की सीटें घटने की बजाय बढ़ेंगी. यहां पर पार्टी कुल सीटों में 15-20 सीटों का फायदा होता दिख रहा है.

पीके की भविष्यवाणी पर गहलोत का बयान

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एक्स पर लिखा, ‘चुनाव में मतदाताओं का मूड भांपने के बाद बीजेपी अब पूरी तरह से हताश हो चुकी है. बीजेपी ने अपने सभी नेताओं और समर्थकों को निर्देश दिया है कि जिस भाषा में वे बीजेपी की प्रचंड बहुमत से जीत का दावा करते हैं उसी भाषा का इस्तेमाल करें और बीजेपी के पक्ष में जनता में भ्रम पैदा करें. यही कारण है कि अचानक ही तमाम राजनीतिक विश्लेषकों, अर्थशास्त्रियों और पत्रकारों समेत तमाम लोगों की भविष्यवाणियों की बाढ़ आ गई है.’

क्या लिखा सोशल मीडिया पोस्ट में?

प्रशांत किशोर सोशल मीडिया X पर लिखते हैं, पानी पीना अच्छा है क्योंकि यह दिमाग और शरीर दोनों को हाइड्रेटेड रखता है. जो लोग इस चुनाव के नतीजे के बारे में मेरे आंकलन से हैरान हैं, उन्हें 4 जून को भरपूर पानी अपने पास रखना चाहिए, और 2 मई 2021 को और बंगाल को याद रखे” आपको बता दें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान की भविष्यवाणी प्रशांत किशोर ने याद रखने की सलाह दी है. यहां उन्होंने उस समय बताया था कि बीजेपी तीन अंकों तक नहीं पहुंच सकती जबकि कई एग्जिट पोल बंगाल में बीजेपी की जीत बता रहे थे. अब देखना होगा कि लोकसभा चुनाव में प्रशांत की भविष्यवाणी सही साबित होती है या फिर नहीं.

मध्य प्रदेश में बीजेपी को कितना नुकसान?

प्रशांत किशोर ने बताया कि बीजेपी को उत्तर भारत में यूपी, एमपी और राजस्थान में कोई ज्यादा नुकसान नहीं होने वाला है. ऐसे में बीजेपी को 300 सीटें आसानी से मिलती हुई दिखाई दे रही हैं. यहां बता दें कि मध्य प्रदेश में 29 सीटें हैं, जिसमें बीजेपी का 28 सीटों पर कब्जा है. वहीं एकमात्र सीट छिंदवाड़ा पर कांग्रेस का कब्जा है. लेकिन इस बार छिंदवाड़ा के साथ -साथ राजगढ़, रतलाम-झाबुआ और मंडला लोकसभा सीटों पर कड़ा मुकाबला है.

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