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ब्लड डोनेट करने के लिए क्या है सही उम्र, एक साल में कितना खून डोनेट कर सकते हैं आप? जानें

नई दिल्लीः स्वस्थ लोगों को ब्लड डोनेट जरूर करना चाहिए, क्योंकि इससे आपकी सेहत को नुकसान नहीं होता है, बल्कि कई फायदे हो सकते हैं. ब्लड डोनेशन के जरिए आप कई लोगों की जिंदगी बचाने में मदद कर सकते हैं. यही वजह है कि रक्तदान को महादान कहा जाता है. खून हमारे शरीर का सबसे जरूरी तत्व होता है और इसके जरिए ही सभी अंगों तक पोषक तत्व और ऑक्सीजन पहुंचती है. शरीर में खून की कमी हो जाए, तो समस्याएं पैदा हो सकती हैं. तमाम लोग समय-समय पर ब्लड डोनेट करते हैं. हालांकि सभी लोग ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं. ब्लड डोनेशन के लिए कुछ नियम होते हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी होता है.

स्वस्थ पुरुष हर तीन महीने बाद ब्लड डोनेट कर सकते हैं

ग्रेटर नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल में ब्लड सेंटर की हेड डॉ. सुरभि गर्ग ने News18 को बताया कि जो लोग शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ हैं और उन्हें किसी तरह की बीमारी नहीं है, वे ब्लड डोनेट कर सकते हैं. रक्तदान करने के लिए लोगों की उम्र कम से कम 18 और ज्यादा से ज्यादा 65 साल होनी चाहिए. 45 किलोग्राम वजन से ज्यादा वाले लोगों को ही ब्लड डोनेट करना चाहिए. जिन लोगों का हीमोग्लोबिन लेवल 12.5 से ज्यादा हो, वे ही रक्तदान कर सकते हैं. हीमोग्लोबिन की कमी से जूझ रहे लोगों को ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए. आमतौर पर स्वस्थ पुरुष हर तीन महीने बाद ब्लड डोनेट कर सकते हैं, जबकि हेल्दी महिलाएं हर 4 महीने बाद रक्तदान कर सकती हैं.

किन लोगों को ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए?

डॉक्टर सुरभि गर्ग ने बताया कि जिन लोगों को हेपेटाइटिस B, हेपेटाइटिस C, एचआईवी, हाई ब्लड प्रेशर या खून से संबंधित बीमारियां होती हैं, उन्हें ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए. कैंसर, ऑटोइम्यून डिजीज और हार्ट डिजीज के मरीज भी ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं. जिन लोगों के खून में इंफेक्शन है, वे भी ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं. ऐसे लोगों का ब्लड दूसरे लोगों के ब्लड में ट्रांसफ्यूज करना खतरनाक हो सकता है और बीमारियां दूसरे व्यक्ति में पहुंच सकती हैं. इसकी वजह से बीमारियों से जूझ रहे लोगों को ब्लड डोनेट करने की सलाह नहीं दी जाती है.

ब्लड डोनेशन की उम्र 18 से 60 वर्ष निर्धारित

किसी भी व्यक्ति द्वारा ब्लड डोनेशन करना उसकी क्षमता और कई कारकों पर निर्भर करता है। इसमें व्यक्ति की आयु, वजन, स्वास्थ्य की स्थिति और कोई जेनेटिक बीमारी तो नहीं यह सभी चीजें शामिल है। डॉ. बबीता बंसल का कहना है कि ब्लड डोनेशन की उम्र 18 से 60 वर्ष निर्धारित की गई है। एक स्वस्थ्य व्यक्ति हर 3 महीने में ब्लड डोनेट कर सकता है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि हर व्यक्ति को 3 महीने पर ब्लड डोनेट करना ही चाहिए।

ब्लड डोनेशन से पहले मेडिकल हिस्ट्री जानना जरूरी

एक्सपर्ट की मानें तो ब्लड डोनेशन के बाद खून से संबंधित कुछ टेस्ट किए जाते हैं, लेकिन अगर डोनर की मेडिकल हिस्ट्री का पता नहीं चल पाता है, तो ऐसे ब्लड को दूसरे व्यक्ति को देने से बचा जाता है. कई लोग हार्ट डिजीज, इंफेक्शन या सर्जरी से रिकवर तो हो जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी उनका ब्लड दूसरों में ट्रांसफ्यूज करना खतरनाक हो सकता है. पेशेंट्स की सेफ्टी के मद्देनजर ब्लड डोनर से उसकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पूछा जाता है. अगर उसे पहले कोई गंभीर बीमारी या इंफेक्शन रहा हो, तो ऐसे लोगों को ब्लड डोनेट न करने की सलाह दी जाती है.

रक्तदान करने से पहले और रक्तदान करने के बाद इन बातों का रखें खास ख्याल

  1. रक्तदान करने के लिए व्यक्ति की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। रक्त दान करने की आपकी क्षमता कई कारकों पर निर्भर करती है, जिसमें आपकी आयु, वजन, सामान्य स्वास्थ्य और अंतर्निहित बीमारी शामिल होती हैं।
  2. अपने रक्दातन के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए रक्तदान से पहले अपने शरीर की देखभाल करें। रक्तदान से पहले आपको रात को स्वस्थ भोजन करना चाहिए और अच्छी तरह से विश्राम करना चाहिए। रक्दातन से 24 घंटे पहले पानी पीना सबसे बेहतरीन तरल पदार्थ होता है।
  3. रक्तदान से सम्बंधित किसी भी चिंता या डर को दूर करने के लिए रक्तदान की प्रक्रिया के बारे में जानें। आमतौर पर रक्तदान की प्रक्रिया में पहले रजिस्ट्रेशन किया जाता है, इसके बाद मेडिकल हिस्ट्री का एक फॉर्म भरा जाता है और फिर शरीर की जांच की जाती है, इन सबके बाद फिर रक्तदान होता है।
  4. रक्तदान करने के बाद अपने शरीर को पोषण देना जरूरी होता है। इसके लिए रक्तदान के बाद बहुत सारे तरल पदार्थ पिएं, विशेष रूप से पानी खूब पिएं। रक्तदान के कुछ देर बाद कुछ समय के लिए मेहनत वाली एक्सरसाइज या वेटलिफ्टिंग न करें। अपने अन्दर उर्जा को बनाए रखने के लिए हेल्दी स्नैक्स खाएं।
  5. रक्तदान के बाद कुछ लोगों को हल्कापन, चक्कर आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं, तो इन्हें लेकर डरने की जरूरत नहीं। आमतौर पर ये साइड इफेक्ट अपने आप खत्म हो जाते हैं।

-डॉक्टर बताती हैं कि ब्लड डोनेशन जैसा अच्छा काम हर व्यक्ति कर सकता है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति का हीमोग्लोबिन का लेवल 12.5 ग्राम से कम है, तो उसे ब्लड डोनेशन नहीं करना चाहिए। 12.5 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन होने का मतलब है कि आपके शरीर में पहले से ही खून की कमी है। ऐसे में आप ब्लड डोनेट करते हैं, तो आपको कई परेशानियां होने का खतरा रहता है।

-ब्लड डोनेशन करने से पहले शरीर को सही तरीके से आराम करवाना और हाइड्रेट रखना जरूरी है। ब्लड डोनेशन से पहले आपको रात को हेल्दी खाना खाना चाहिए। ब्लड डोनेशन से पहले अच्छी तरह से आराम करना चाहिए। ब्लड डोनेशन से 24 घंटे पहले तक पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहेगा और ब्लड डोनेशन के दौरान आपको किसी भी तरह की कमजोरी और चक्कर आना जैसी समस्या नहीं होगी।

-ब्लड डोनेशन के बाद सही और पोषण युक्त खानपान की जरूरत होती है। डॉक्टर का कहना है कि ब्लड डोनेशन के बाद खूब पानी, जूस, नारियल पानी और अन्य तरह पदार्थों का सेवन करें। ब्लड डोनेशन के लगभग 12 घंटे तक मेहनत वाली एक्सरसाइज या वेटलिफ्टिंग जैसी चीजें बिल्कुल न करें। इस दौरान आराम, खानपान और पानी पीने पर ही फोकस रखें।

-ब्लड डोनेशन के बाद कुछ लोगों को कमजोरी, चक्कर आना और सिर दर्द की समस्या हो सकती हैं। अगर आपको इस तरह की समस्या हो रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ब्लड डोनेशन के बाद यह मामूली से साइड इफेक्ट होते हैं, तो 1 से 2 घंटे के बाद ठीक हो जाते हैं।

-डॉक्टर का कहना है कि ब्लड डोनेशन एक प्रेरणादायक काम है। ब्लड डोनेशन के जरिए हर साल लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है। लेकिन अगर आप मिर्गी, अस्थमा, ब्लीडिंग डिसऑर्डर, थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, पॉलीसिथीमिया वेरा , हेपेटाइटिस बी, सी, ट्यूबरकुलोसिस, लेप्रोसी जैसी स्थितियों से जूझ रहे हैं, तो आप ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं। डिलीवरी के बाद महिलाएं 12 से 18 महीने तक ब्लड डोनेट नहीं कर सकती हैं। अगर आप ब्लड डोनेट करना चाहते हैं, तो इस विषय में एक बार डॉक्टर से जरूर बात करें।

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