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बेंगलुरु के फीनिक्स मॉल ऑफ में एशिया का सबसे बड़ा क्रिसमस ट्री

नई दिल्ली – क्रिसमस (Christmas) जल्द ही आने वाला है और भारत समेत पूरी दुनिया में लोग इसे बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी कर रहे हैं.बेंगलुरु (Bengaluru) में बहुत उत्साह है क्योंकि उन्होंने पूरे देश में सबसे ऊंचा क्रिसमस ट्री (India’s tallest Christmas tree) बनाया है. यह 100 फीट लंबा है और इसे फीनिक्स मॉल ऑफ एशिया (Phoenix Mall of Asia) में देखा जा सकता है.यह पेड़ सचमुच बहुत शानदार दिखता है और मॉल में आने वाला हर कोई इसे देखता रहता है. लोगों के देखने के लिए इंस्टाग्राम पर पेड़ का एक वीडियो भी शेयर किया गया है.

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बेंगलुरु के फीनिक्स मॉल ऑफ एशिया का वीडियो

बेंगलुरु के फीनिक्स मॉल ऑफ एशिया में आने वाले लोगों के लिए ये क्रिसमस ट्री (Christmas tree) किसी विजुएल ट्रीट की तरह है. ये विशाल ट्री यहां आने वाले लोगों के ध्यान का केंद्र बना हुआ है. खूबसूरती से सजाए गए इस ट्री का वीडियो इंस्टाग्राम पर What’s Trending Bengaluru नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है.वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है और 31 हजार से अधिक लाइक्स इस पर आए हैं. एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, वाह, ये तो कमाल है. दूसरे ने लिखा, वे जल्द ही रात 8.30 बजे तक एंट्री बंद कर रहे हैं, बेहतर होगा कि वे समय बढ़ा दें. एक यूजर ने ये भी आशंका जताई कि स्टूडेंट्स को वहां जाने नहीं दिया जा रहा, ऐसे में इसका उनके लिए कोई फायदा नहीं है. एक अन्य यूजर ने लिखा, अगर वह चाहते हैं कि लोग एन्जॉय करें तो उन्हें फीस चार्ज नहीं करना चाहिए.

पंद्रह सौ टेराकोटा बर्तनों का उपयोग करके बनाया गया

पंद्रह सौ टेराकोटा बर्तनों का उपयोग करके बनाया गया है. प्रत्येक को उत्तम नगर के स्थानीय कुम्हारों द्वारा सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है. पेड़ का निर्माण विभिन्न आकारों के टेराकोटा बर्तनों को एक स्तरीय संरचना में ढेर करके, एक शंकु आकार बनाकर किया गया है, जिसके शीर्ष पर टेराकोटा जाली से बना एक बड़ा सितारा है. गर्माहट और उत्सव की चमक जोड़ने के लिए बर्तनों के माध्यम से रोशनी बुनी गई है.ले मेरिडियन होटल नई दिल्ली की उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक मीना भाटिया ने बताया, “कारिगरों की जुनून और प्रतिबद्धता से प्रेरित होकर, हमने उनके अथक प्रयासों को समर्थन और प्रोत्साहित महसूस करने का फैसला किया. हमारा मानना ​​था कि हमारे सहयोग और प्रयास उनके जीवन को प्रभावित करेंगे और पर्यावरण के संरक्षण और सम्मान में वृद्धि करने में मदद करेंगे.

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