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भारत

चेन्नई में चक्रवात : चक्रवात ‘मिचौंग’ का कहर,समुद्र बन गया चेन्नई शहर

नई दिल्लीः तूफान मिचौंग की वजह से तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश हो रही है. आलम ये है कि एयरपोर्ट से लेकर सड़कें तक पानी से लबालब हो गई हैं. कारें पानी में बह रही हैं,वहीं लोगों के घरों के अंदर भी बारिश का पानी भर गया है. हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

चक्रवात ‘मिचौंग’ का कहर

उष्णकटिबंधीय तूफान ‘मिचौंग’ के तेज होने और मंगलवार को दक्षिणी आंध्र प्रदेश में दस्तक देने से पहले आज उत्तरी तमिलनाडु तट तक पहुंचने की उम्मीद है. चेन्नई शहर और आसपास के जिलों में आज भारी बारिश जारी रही, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया. चक्रवाती तूफान मिचौंग के असर के कारण चेन्नई और आसपास के चेंगलपेट, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिलों में रविवार देर रात से भारी बारिश हुई. तेज हवाओं के कारण चेन्नई हवाई अड्डे की कम से कम दस उड़ानों को बेंगलुरु की ओर मोड़ दिया गया. चेन्नई हवाई अड्डे और कलंदूर सबवे पर भारी जलजमाव देखा गया.

भारी बारिश से मची तबाही

तूफान मिचौंग की वजह से तमिलनाडु में राजधानी चेन्नई समेत कई शहरों में भारी बारिश से तबाही मची हुई हुई है. चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है. सड़कों पर घुटनों तक पानी भरा हुआ है, ऐसे में लोगों को आने जाने में तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. माना जा रहा है कि तूफान मिचौंग के चलते आज और कल का दिन काफी मुश्किल भरे हो सकते हैं, ऐसे में सरकार के साथ ही प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क है.

ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) ने 35 से 80 किमी./घंटा की गति से चल रही हवाओं के कारण लोगों से घर के अंदर रहने को कहा है. जीसीसी के एक एक्स पोस्ट में कहा कि ‘प्रिय चेन्नईवासियों शहर में 35 से 80 किमी./घंटा की गति से हवाएं चल रही हैं. जीसीसी आपसे घर के अंदर रहने का अनुरोध करता है. कृपया जब तक बहुत जरूरी न हो बाहर न निकलें. कई सड़कें जलमग्न हैं. घर पर रहें और सुरक्षित रहें. कृपया आपात स्थिति और बचाव के लिए 1913 पर हमसे संपर्क करें.’ तमिलनाडु में सोमवार और मंगलवार को भारी बारिश का अनुमान है.

पानी से लबालब हुआ एयरपोर्ट

एयरपोर्ट के अंदर चारों तरफ पानी भरा है, तेज हवाओं और भारी बारिश के चलते कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. एयरपोर्ट के अंदर इस मंजर को देखकर आप अंदाजा लगा सकते है बारिश की रफ्तार कैसी होगी. अंदर खड़ी बसें पानी में हैं तो वहीं प्लाइट के पहिए भी पानी में डूब गए हैं.

नागरिकों से अनुरोध है कि वे घर पर रहें और सुरक्षित रहें

राज्य सरकार ने बाढ़ के लिए संवेदनशील इलाकों के निवासियों की मदद करने के लिए आपदा प्रतिक्रिया बल कर्मियों को तैनात किया है और राहत केंद्र बनाए हैं. चेन्नई के मौसम विज्ञान केंद्र, उप महानिदेशक बालचंद्रन ने कहा कि ‘हमने विशेष रूप से चेन्नई, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम जिलों में चेतावनी जारी की है. इन इलाकों में भारी बारिश होने की उम्मीद है.’ एमटीसी चेन्नई ने कहा कि मूसलाधार बारिश और सड़कों पर भारी बाढ़ के कारण कई बस सेवाएं चालू नहीं होंगी. एमटीसी के एक बयान में कहा गया है कि चेन्नई और पड़ोसी क्षेत्रों में चक्रवात मिचौंग के कारण मूसलाधार बारिश और सड़कों पर भारी बाढ़ के कारण, हम आज कई तय बस सेवाएं चलाने में असमर्थ हैं. नागरिकों से अनुरोध है कि वे घर पर रहें और सुरक्षित रहें.

उधर तेज बहती हवाओं के भी कई वीडियो सामने आए हैं. जिन्हें देखकर यकीनन कोई भी सहम जाएगा. हवाओं की रफ्तार इतनी तेज है की पेड़ भी बुरी तरह से हिल रहे हैं. ये नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं है.

पत्तों की तरह पानी में बह रही कारें

उधर चेन्नई के निचले इलाकों के साथ ही शहर की पॉश कॉलोनियों का भी बुरा हाल है. बिल्डिंग के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है. आस पास खड़ी सभी कारें पानी में पत्तों की तरह बह कर एक दूसरे से टकरा रही हैं.बारिश के चलते सड़कों में नदी की तरह पानी बह रहा है. सड़कों पर चलने वाले वाहनों को भारी परेशानी हो रही है. दो पहिया वाहन पूरी तरह पानी में समा गए हैं. लोगों के पैदल चलते में भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है.आलम ये है कि बारिश का पानी निचले इलाकों में लोगों के घरों के अंदर तक घुस गया है. घरों में रखा सारा सामान पानी में भीग रहा है. ऐसे में लोगों को उठने बैठने के लिए भी जगह नहीं मिल पा रही.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चक्रवाती तूफान मिचौंग के बारे में चेतावनी जारी की है. यह फिलहाल पुडुचेरी से लगभग 210 किमी पूर्व-उत्तरपूर्व, चेन्नई से 150 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व में बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी में प्रवेश कर चुका है. मौसम एजेंसी ने कहा कि तूफान के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने, तेज होने और 5 दिसंबर की दोपहर के दौरान नेल्लोर और मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) के बीच से गुजरने की संभावना है. यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान है. म्यांमार ने इसे ‘मिचौंग’ नाम दिया है.

अलर्ट मोड पर राज्य सरकार

हालात को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. NDRF की कई टीमें तेैनात की गई हैं जो लोगों की मदद कर रही है. सरकार ने संवेदनशील इलाके में रह रहे लोगों की मदद के लिए आपदा कर्मियों को तैनात किया है. साथ ही लोगों के लिए राहत केंद्र भी बनाए गए हैं. सरकार ने प्रसाशन को जरूरतमंद लोगों के लिए हर संभव मदद के पहुंचाने का निर्देश जारी किया है.

उधर चेन्नई के मौसम विज्ञान के मुताबिक चेन्नई, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम जिलों में खासतौर पर चेतावनी जारी की गई है. साथ ही लोगों से घरों से बाहर न निकलने की अपील की गई है. वहीं पीएम मोदी भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने प्रभावित राज्यों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है.

पीएम मोदी ने जताया मदद का भरोसा

प्रधानमंत्री मोदी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार राज्य सरकारों के संपर्क में है। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने तमिलनाडु, पुडुचेरी, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बीजेपी कार्यकर्ताओं से राहत और बचाव प्रयासों में शामिल होने और स्थानीय प्रशासन की मदद करने की अपील की है। सरकार ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी से बात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया है।

तमिलनाडु में रेस्क्यू ऑपरेशन

चक्रवात मिचौंग के तट के करीब पहुंचने से चेन्नई के कई हिस्सों में तेज भारी बारिश हुई। इसके साथ ही कांचीपुरम के कई हिस्सों में भी बारिश हो रही है। तमिलनाडु में भारी बारिश के बाद गंभीर जलजमाव के बाद एनडीआरएफ की टीम ने पीरकनकरनई और पेरुंगलथुर के पास तांबरम क्षेत्र से लगभग 15 लोगों को रेस्क्यू किया। तमिलनाड में खतरे के स्तर से ऊपर बह रहे पानी को देखते हुए सुरक्षा कारणों से बेसिन ब्रिज और व्यासरपाडी के बीच पुल नंबर 14 को निलंबित कर दिया गया है।

कैसे पड़ा नाम?

दक्षिण भारत के राज्यों में खतरा पैदा करने वाले इस चक्रवात को ‘मिचौंग’ नाम देने का फैसला म्यांमार की ओर से प्रस्तावित किया गया था। मिचौंग नाम दृढ़ता और लचीलेपन को दर्शाता है। ये साल 2023 में हिंद महासागर में बनने वाला छठा और बंगाल की खाड़ी में बनने वाला चौथा चक्रवाती तूफान होगा।

इन क्षेत्रों से टकराएगा

मौसम विभाग की अपडेट के मुताबिक, चक्रवाती तूफान मिचौंग 3 दिसंबर की रात को चेन्नई से 150 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व में बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित है। इसके उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने, तीव्र होने और 5 दिसंबर की सुबह के दौरान नेल्लोर और मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) के बीच गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में बदलने की संभावना है। इस चक्रवात के कारण ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।
तूफान के कारण कई ट्रेनें रद्द

4 दिसंबर को डॉ. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल से चलने वाली छह ट्रेनें- मैसूरु शताब्दी एक्सप्रेस, कोयंबटूर कोवई एक्सप्रेस, कोयंबटूर शताब्दी एक्सप्रेस, केएसआर बेंगलुरु एसी डबल डेकर एक्सप्रेस, केएसआर बेंगलुरु बृंदावन एक्सप्रेस, तिरुपति सप्तगिरि एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है। चेन्नई मौसम विभाग ने तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए बारिश, तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

समुद्री इलाकों के आसपास धारा 144 लागू

चक्रवात की संभावना को देखते हुए पुडुचेरी के जिला अधिकारी ने समुद्री इलाकों के आसपास धारा 144 लागू कर दिया है। जिला अधिकारी ने तीन दिसंबर की शाम सात बजे से पांच दिसंबर की शाम छह बजे तक लोगों को सुमद्री तटीय इलाकों में नहीं जाने का निर्देश दिया है। इस निर्देश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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