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बृजभूषण सिंह ने राजनीति से लिया संन्यास,जानें वज़ह

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश की राजनीति में बृजभूषण शरण सिंह बड़े नेता माने जाते हैं, लेकिन इस बार भारतीय जनता पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। पार्टी ने कैसरगंज लोकसभा सीट से उनके बेटे करण भूषण को उम्मीदवार बनाया है। चुनावी मैदान में भले ही नाम करण भूषण का है, लेकिन बृजभूषण चुनाव लड़ रहे हैं। बृजभूषण सिंह ने राजनीति से संन्यास क्यों लिया? इसे लेकर उन्होंने बड़ा खुलासा किया है।

बृजभूषण सिंह ने चुनाव नहीं लड़ने का किया ऐलान

भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और कैसरगंज से सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक साक्षात्कार में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब वे जीवन में कभी भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनके पास करने के लिए कई काम हैं, लेकिन वे कोई भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। आपको बता दें कि भाजपा लोकसभा चुनाव में राजपूत समाज को नाराज नहीं करना चाहती थी, इसलिए पार्टी ने बृजभूषण की जगह उनके बेटे पर दांव लगाया।

सीएम योगी का बताया अच्छा मित्र

बृजभूषण सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी को अपना नेता और सीएम योगी आदित्यनाथ को अपना मित्र बताया। उन्होंने कहा कि वे और सीएम योगी एक ही गुरु के शिष्य हैं। योगी घोषित शिष्य हैं। हम दोनों एक अच्छे दोस्त हैं। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि इस बार उनके बेटे सांसद बनेंगे। संयोग देखिए, वे भी 33 साल की आयु में सांसद बने थे और अब उनके बेटे भी इसी उम्र में लोकसभा सदस्य बनेंगे।

साजिश के तहत बेटे को बनाया गया उम्मीदवार

भाजपा नेता बृजभूषण सिंह ने बेटे करण भूषण को टिकट देने पर कहा कि यह एक तरह की साजिश है। वे बेटे को कुश्ती संघ के अध्यक्ष का चुनाव लड़ाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोकने के लिए यह साजिश रची गई। उन्होंने 6 बार सांसद बनने के बाद भी मंत्री नहीं बनने के सवाल पर कहा कि उनके ऊपर शुरू से ही बाहुबली होने का आरोप मढ़ा गया, जिससे यह नुकसान उठाया पड़ा, लेकिन देश में उन्हें जो सम्मान मिला है, वो बहुत कम लोगों को मिलता है।

क्यों नहीं बनाए गए मंत्री

बृजभूषण सिंह के छह बार सांसद बनने के बाद भी मंत्री न बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बहुत कम लोगों को वो सम्मान मिलता है. जो मुझे मिला है. लेकिन मेरे ऊपर बाहुबली होने का आरोप मढ़ दिया गया. जिसका मुझे नुकसान हुआ. उन्होंने कहा कि साल 1996 में कांग्रेस ने मेरे खिलाफ साजिश रची और कल्पनाथ राय के साथ मुझे अरेस्ट किया गया. तब मेरी पत्नी को चुनाव लड़ना पड़ा. जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई. उन्होंने कहा कि इस बार फिर कांग्रेस का षड्यंत्र है. इस बार मेरे बेटे करण सांसद बनेंगे.

एक दिन पहले ही कहा था कभी नहीं हूंगा रिटायर

बृजभूषण सिंह ने एक दिन पहले ही कहा था कि न बूढ़ा हुआ हूं और न ही रिटायर हुआ हूं. पहले आप लोगों की बीच में जितना रहता था, उससे दोगुना रहूंगा. उन्होंने कहा था कि अब मैं दोगुनी ताकत के साथ काम करूंगा. उन्होंने कहा कि मैंने एक नारा दिया था, स्वस्च्छ गोंडा. अभी बहुत कुछ करना बाकी है.

‘मैं छुट्टा सांड हो गया हूं..’

बीजेपी सांसद ने कहा, अब तो मैं छुट्टा सांड हो गया हूं. अब तो आपके लिए किसी से भिड़ भी सकता हूं. क्या करेंगे हमारा? जरूरत पड़ेगी तो आपके लिए लड़ाई लड़ूंगा. उन्होंने कहा कि हम सारी समस्याओं को देख रहे हैं. किन-किन गरीबों को अभी घर नहीं मिला है, किस-किस घर में बिजली नहीं है हम देख रहे हैं. हम चुप बैठने वाले नहीं है. अब आपको डबल सांसद मिलेंगे. बृजभूषण शरण सिंह ने बताया कि वो 33 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने थे और अब उनके बेटे भी 33 साल की उम्र में ही सांसद बन रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब कैसरगंज की कमान फिर से युवा हाथों में ही जा रही है. बीजेपी सांसद जब जनसभा में बोल रहे थे तो समर्थकों ने जमकर तालियां भी बजाई.

बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने यौन शोषण के आरोप लगाए

बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं, जिसके भारतीय जनता पार्टी ने कैसरगंज सीट से उनका टिकट काटकर बेटे करण भूषण सिंह को दिया है. उनका मुकाबला सपा के रामभगत मिश्रा और बसपा से नरेंद्र पांडे चुनाव मैदान में हैं. इस सीट पर बृजभूषण शरण सिंह का दबदबा रहा है. वो यहां से दो बार बीजेपी और एक बार सपा के टिकट पर सांसद रह चुके हैं.

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