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काराकाट से पवन सिंह की मां ने भरा नामांकन,क्या है पवन सिंह का नया दांव?-जानें


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मुंबई – भोजपुरी स्टार पवन सिंह काराकाट से चुनावी मैदान में हैं। काराकाट की जनता से वोट मांगते समय पवन सिंह अक्सर मां की दुहाई देते हैं। चुनाव प्रचार के दौरान पवन सिंह को कई बार कहते सुना गया है कि उनकी मां ने उन्हें काराकाट को सौंप दिया है। मगर अब वही मां पवन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं?

काराकाट से गुपचुप तरीके से पवन सिंह की मां ने भरा नामांकन

प्रतिमा देवी 10-12 लोगों के साथ अंतिम समय में समाहरणालय में पहुंची और चुपचाप नामांकन पत्र दाखिल करके चली गई. इस दौरान मीडिया के समक्ष पूरी गोपनीयता रखी गई. मीडिया को इसकी कानों कान खबर न हो, इसकी पूरी व्यवस्था की गई. पहले दो लोगों के साथ प्रतिमा देवी ने परिसर में प्रवेश की. बाद में धीरे-धीरे सभी प्रस्तावक समाहरणालय के परिसर में पहुंच गए तथा अपना नामांकन दाखिल कर चुपके से निकल गईं. इस दौरान किसी मीडियाकर्मी से उन्होंने बातचीत नहीं की.

पवन सिंह की मां ने क्यों किया नामांकन?

सवाल उठता है कि भोजपुरी के पावर स्टार कहे जाने वाले पवन सिंह की मां ने अचानक नामांकन क्यों दाखिल किया? जानकार लोगों का कहना है कि पवन सिंह ने अपनी मा का नामांकन इसलिए कराया है कि अगर विषम परिस्थिति में उनका नामांकन रद्द हो जाता है तो मा के नाम पर वे चुनाव में बने रह सकते हैं. कुछ लोगों ने दबी जुबान से बताया कि निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव आयोग द्वारा सीमित संसाधन का उपयोग करने के निर्देश दिए जाते हैं. संभवत: चुनाव के दौरान समुचित संसाधन के लिए ही अपनी माता का नामांकन कराया गया हो. फिलहाल उनकी माता का नामांकन चर्चा का विषय बना हुआ है.

मां-बेटे के बीच होगी टक्कर?

जी हां, बिना किसी को बताए पवन सिंह ने गुपचुप तरीके से मां का भी नामांकन करवा दिया है। काराकाट में नामांकन की अंतिम तिथि 14 मई थी। ऐसे में पवन सिंह की मां प्रतिमा देवी ने भी काराकाट से पर्चा दाखिल कर दिया। ये खबर सामने आते ही ना सिर्फ काराकाट बल्कि बिहार की सियासत में भी हड़कंप मच गया। सबकी जुंबा पर सिर्फ एक ही सवाल था कि क्या अब पवन सिंह की मां बेटे के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी? आखिर इस गुपचुप तरीके से हुए नामांकन की वजह क्या थी?

आरा से लड़ना चाहते चुनाव

दरअसल भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने 2023 में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी, लेकिन जब उन्हें आरा से बीजेपी का टिकट नहीं मिला तो उन्होंने काराकाट से चुनाव लड़ने की ठानी और वहां से नामांकन भी किया. उनके नामांकन में मां प्रतिमा देवी और पत्नी भी शामिल हुईं थी. मां ने आंचल फैलाकर अपने बेटे के लिए वोट मांगे थे, लेकिन आज वो खुद अपने बेटे के लिए लड़ने मैदान में आ गई हैं. पवन के इस दांव से एनडीए को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा.

पवन सिंह ने बताई सच्चाई

हालांकि पवन सिंह ने बिना देर किए पूरे मामले पर सफाई पेश कर दी। पवन सिंह का कहना है कि उनकी मां उनके खिलाफ नहीं बल्कि उनके लिए चुनाव लड़ सकती हैं। दरअसल लोकसभा चुनाव के दौरान अक्सर उम्मीदवारों के नामांकन रद्द कर दिए जाते हैं। ऐसे में पवन सिंह को शक है कि कहीं उनका नामांकन कैंसिल ना कर दिया जाए। इसलिए पवन सिंह ने अपनी मां प्रतिमा देवी का भी पर्चा दाखिल कर दिया है। इस स्थिति में अगर पवन सिंह का नामांकन रद्द होगा तो भोजपुरी स्टार अपनी मां के नाम काराकाट से चुनाव लड़ेंगे।

शिवहर में भी है मां-बेटे की लड़ाई

बता दें कि काराकाट से पहले बिहार की शिवहर सीट पर भी मां और बेटे के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है। काराकाट में बेशक पवन सिंह की मां बेटे के लिए चुनावी मैदान में उतरी हैं। मगर शिवहर की कहानी थोड़ी अलग है। बाहुबली नेता आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद को जेडीयू ने अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं मां के साथ चुनाव प्रचार करने वाले उनके छोटे बेटे अंशुमान आनंद ने भी बिहार से पर्चा दाखिल कर दिया था। ऐसे में शिवहर में मां-बेटे की टक्कर वाकई सच है या ये महज एक चुनावी स्टंट है, इसपर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।

पवन सिंह पर प्रेशर

पवन सिंह के निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान पर बीजेपी उन्हें नामांकन करने से रोकने की काफी कोशिशें की थी. उन्हें दिल्ली भी बुलाया गया था. केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने साफ तौर पर कहा था कि उनके नामांकन के बाद बीजेपी से बाहर कर दिया जाएगा. पवन सिंह नहीं माने और लाव लश्कर के साथ सासाराम जिला मुख्यालय पहुंचे और नामांकन दाखिल किया था.बिहार के पर्यटन मंत्री प्रेम कुमार भी पवन सिंह को चेतावनी दे चुके हैं. उन्होंने कहा कि अगर पवन सिंह ने नामांकन वापस नहीं लिया तो उन पर कार्रवाई होगी. ऐसा माना जा रहा है कि इन सारी बातों से परेशान होकर ही पवन सिंह ने अपनी मां को मैदान में उतारा है.

मां मांग रहीं बेटे की जीत की दुआ

प्रतिमा देवी भले ही चुनावी मैदान में उतर गई हैं, लेकिन वह अपने बेटे की जीत के लिए दुआ भी मांग रही हैं. वह हाल में पवन सिंह के लिए अपनी साड़ी का आंचल उठाकर वोट मांगती दिखीं. इस मौके पर प्रतिमा देवी भावुक भी हो गईं, जिसके बाद उन्होंने साड़ी के पल्लू से अपने आंसू पोछे. मां की आंकों में आंसू देखकर पवन सिंह भी भावुक हो गए थे. पवन सिंह अपनी मां प्रतिमा देवी से गहरा लगाव रखते हैं. वह अपनी ‘मां’ की कही हुई हर बात को पत्थर की लकीर मानते हैं. काराकाट चुनाव लड़ने पहुंचे पवन सिंह लगातार अपनी ‘मां’ का आदेश बताते हुए लोगों से समर्थन की अपील कर रहे हैं.

प्रतिमा देवी के पास कितनी संपत्ति

70 वर्षीय प्रतिमा देवी निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं. एफिडेविट के मुताबिक, प्रतिमा देवी के पास 40 हजार रुपये कैश है. गाड़ी के नाम पर उनके पास ग्रांड विटारा है, जिसकी कीमत करीब 18 लाख रुपये है. उनके पास 50 ग्राम सोना, 100 ग्राम चांदी है. इसकी कीमत 3 लाख 57 हजार रुपये है.

काराकाट में कब है वोटिंग?

काराकाट में सातवें चरण के तहत वोटिंग होगी. यानी यहां पर 1 जून को वोट डाले जाएंगे. यहां पर नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 14 मई थी. फिलहाल इस सीट पर जनता दल (यू) का कब्जा है. महाबली सिंह यहां के सांसद हैं. 2019 के चुनाव में उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा को हराया था.पहले से ही एनडीए के प्रत्याशी उपेंद्र कुशवाहा मैदान में है. साथ ही माले के राजाराम सिंह भी चुनाव प्रचार कर रहे हैं. वैसे में पवन सिंह के आने से मामला त्रिकोणीय हो गया है. इसी बीच उनकी माता प्रतिमा देवी ने भी नामांकन कर दिया.

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