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राजनीति

संसद शीतकालीन सत्र: सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष से की ये अपील


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नई दिल्लीः संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है जिससे पहले राजनीतिक दलों के नेता शीतकालीन सत्र के एजेंडे पर चर्चा के लिए शनिवार को यहां बैठक कर रहे हैं।केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 4 दिसंबर से शुरू होने जा रहे संसद के आगामी शीतकालीन सत्र को वर्तमान लोकसभा का अंतिम सत्र बताते हुए विपक्ष से सहयोग करने और चर्चा में शामिल होने की अपील की है.

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने की ये अपील

संसद के शीतकालीन सत्र शुरू होने से दो दिन पहले केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है. आमतौर पर ये बैठक शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले बुलाई जाती है, लेकिन इस बार 3 दिसंबर को पांच राज्‍यों के चुनाव के परिणाम आने वाले हैं. ऐसे में ये मीटिंग दो दिन पहले बुलाई गई है. ये बैठक सुबह 11 बजे से शुरू होगी.केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संसद के आगामी सत्र को मौजूदा लोकसभा का अंतिम सत्र बताते हुए विपक्ष से सहयोग करने और इस चर्चा में शामिल होने की अपील की है.

4 दिसंबर से शुरू हो रहा है सत्र

जोशी ने बुधवार (29 नवंबर) को दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है. माना जा रहा है कि इस सत्र में कई महत्‍वपूर्ण विधेयकों को पेश‍ किया जा सकता है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के मुताबिक कि सरकार ने फिलहाल सत्र के लिए 24 विधेयकों को तय किया है, आने वाले एक-दो दिनों में इसकी सूची को फाइनल कर लिया जाएगा और सर्वदलीय बैठक में इसकी जानकारी दी जाएगी.

शीतकालीन सत्र में कौन-कौन से विधेयक किए जा सकते है पेश?

जोशी ने शीतकालीन सत्र को वर्तमान लोकसभा का अंतिम सत्र बताते हुए विपक्षी दलों से सहयोग करने और सदन में चर्चा में शामिल होने का भी अनुरोध किया. सरकार शीतकालीन सत्र के दौरान तेलंगाना में सेंट्रल ट्राइबल यूनिवर्सिटी स्थापित करने और जम्मू कश्मीर और पुड्डुचेरी विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण देने सहित सात नए विधेयकों को सदन में पेश कर सकती है.संसद का शीतकालीन सत्र चार दिसंबर से शुरू होगा और यह 22 दिसंबर तक चलेगा जिसमें 15 बैठकें होंगी। इस सत्र में औपनिवेशिक काल के आपराधिक कानूनों के स्थान पर तीन विधेयक लाने सहित प्रमुख विधेयकों के मसौदे पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

माना जा रहा है कि इस शीतकालीन सत्र में सरकार तेलंगाना में सेंट्रल ट्राइबल यूनिवर्सिटी स्थापित करने और जम्मू कश्मीर और पुड्डुचेरी विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण देने वाले विधेयक समेत सात नए विधेयकों को सदन में पेश कर सकती है. इसके साथ ही सरकार ने आईपीसी, सीआरपीसी और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह लेने वाले भारतीय न्याय संहिता विधेयक-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक-2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित विधेयक सहित 18 विधेयकों को भी सत्र के लिए लिस्ट किया है.

ये पार्टी के नेता लेंगे भाग

यह बैठक संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुलाई है और इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, कांग्रेस नेता जयराम रमेश, गौरव गोगोई और प्रमोद तिवारी, तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की नेता फौजिया खान और आरएसपी नेता एन के प्रेमचंद्रन सहित अन्य वरिष्ठ नेता भाग ले रहे हैं।

कब से कब तक चलेगा संसद का शीतकालीन सत्र?

संसद का शीतकालीन सत्र इस बार 4 दिसंबर को शुरू होने जा रहा है और इसके 22 दिसंबर तक चलने की संभावना है. शीतकालीन सत्र के 19 दिनों के दौरान 15 बैठकें होंगी. संसद का यह शीतकालीन सत्र पांच राज्यों के चुनावी नतीजे आने के अगले दिन से शुरू होने जा रहा है और ऐसे में चुनावी नतीजों का असर संसद सत्र की कार्यवाही पर भी पड़ना तय है.

क्या महुआ मोइत्रा को लेकर आएगा प्रस्ताव?

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला अगर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द करने की एथिक्स कमेटी की सिफारिश को स्वीकार कर लेते हैं तो उनकी सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव भी संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान ही लोक सभा में रखा जा सकता है.सत्र के पहले दिन सोमवार को सदन में ‘पैसे लेकर प्रश्न पूछने’ के मामले में लोकसभा की एक समिति की रिपोर्ट भी पेश करने के लिए सूचीबद्ध है। इस रिपोर्ट में तृणमूल नेता महुआ मोइत्रा को निचले सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की गई है।मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम विधान सभा चुनाव की मतगणना 3 दिसंबर को होनी है और इसके अगले दिन यानी 4 दिसंबर से संसद का यह शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है.

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