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लाइफस्टाइल

निमोनिया के लक्षणों को कंट्रोल कर सकते हैं ये घरेलू उपचार-जानें


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नई दिल्लीः हर साल 12 नवंबर को विश्व निमोनिया दिवस के तौर पर मनाया जाता है। निमोनिया एक प्रकार का संक्रमण है जो सीधा फेफड़ों को प्रभावित करता है। वहीं यह बच्चे, बुजुर्ग एवं कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों को अपनी चपेट में जल्दी ले लेता है। इसीलिए इसके प्रति सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। तो चलिए जानते हैं, इस समस्या के बारे में थोड़ा और विस्तार से। साथ ही जानेंगे दवाइयों के साथ-साथ कौन से घरेलू नुस्खे इस समस्या से निजात पाने में हमारी मदद कर सकते हैं।

कोविड-19 और फ्लू की तरह निमोनिया भी एक संक्रामक बीमारी

निमोनिया फेफड़ों से जुड़ा का एक आम इंफेक्शन है, जो बैक्टिरिया या वायरस के कारण हो सकता है। यह बीमारी आम ज़रूर है, लेकिन इसे हल्के में लेने की ग़लती कभी न करें। निमोनिया से हर साल कई लोगों की मौत होती है। खासतौर पर कोरोना वायरस के इस दौर में, जहां ये वायरस सीधे फेफड़ों पर ही अटैक करता है। कोविड-19 की वजह से भी कई लोगों को निमोनिया हुआ, जिससे उनकी रिकवरी मुश्किल हो गई।कोविड-19 और फ्लू की तरह निमोनिया भी एक संक्रामक बीमारी है, जो खांसने, छींकने, छूने और यहां तक की सांस के ज़रिए भी फैलती है। बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जिनमें निमोनिया के कोई लक्षण साफतौर पर नहीं दिखते लेकिन वे भी बीमारी फैला सकते हैं।

क्या है निमोनिया

निमोनिया फेफड़ों से जुड़ा एक प्रकार का संक्रमण है, जो दोनों फेफड़ों को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। इस समस्या में फेफड़ों में मौजूद हवा की थैली तरल पदार्थ, मवाद से भर जाती है। जिस वजह से खांसी, बुखार, बलगम, ठंड लगना, सांस में तकलीफ होने जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। वहीं यह कई कारणों से हो सकता है। परंतु इसके सबसे आम कारणों में शामिल हैं बैक्टीरिया, वायरस, फंगी और कई अन्य प्रकार के माइक्रोऑर्गेज्म।

जानलेवा बीमारी है निमोनिया

निमोनिया वैसे तो एक ख़तरनाक बीमारी है, लेकिन अगर समय से इसका इलाज हो जाए, तो रिकवरी हो जाती है। इसका इलाज घर पर ही ऐंटिबायॉटिक के इस्तेमाल से हो सकता है, लेकिन कई गंभीर मामलों में हॉस्पिटल में भी भर्ती होने की ज़रूरत पड़ जाती है। साथ ही आप निमोनिया से बचाव भी संभव है, इसके लिए एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर आप निमोनिया के रिस्क को कम कर सकते हैं

निमोनिया में नजर आने वाले कुछ आम लक्षण

खांसी,बुखार,सिरदर्द,सांस लेने में दिक्कत,सीने में दर्द,कंपकपी लगना,मांसपेशियों में दर्द,उल्टी,चक्कर आना,

  • सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द का अनुभव होना।
  • शरीर के सामान्य तापमान से कम (65 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में)।
  • जी मचलना, उल्टी या दस्त होना।
  • कफ और बलगम वाली खांसी होना।
  • जरूरत से ज्यादा थकान महसूस करना।
  • बुखार, पसीना और कंपकंपी होना।
  • सांस लेने में कठिनाई महसूस होना।

निमोनिया से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय।

नमक के पानी से गरारे करें

हल्के गुनगुने पानी में नमक मिलाकर गलगला करने से आपका गला साफ होता है और बलगम को बाहर निकालने में आसानी होती है। इसके लिए आपको एक गिलास पानी को हल्का गुनगुना कर लेना है। उसमें चार से पांच चुटकी नमक मिलाएं और फिर गलगला करें इसे दिन में कम से कम तीन बार दोहराएं।

पिपरमिंट टी आजमाएं

रिसर्च की मानें तो पिपरमिंट में एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टी पाई जाती है। इसी के साथ यह दर्द से राहत पाने में भी मदद करता है। वहीं पिपरमेंट से बने गर्म चाय का सेवन बलगम को बाहर निकालने में आपकी सहायता करेगा। इसे बनाने में नींबू हनी जैसे पदार्थों का इस्तेमाल कर सकती हैं। यह आपके नाक के रास्ते को भी खोल देता है ताकि आप अच्छी तरह सांस ले पाएं।

एक कप कॉफी रहेगी असरदार

यदि निमोनिया में आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही है, तो ऐसे में एक कप कॉफी का सेवन आपको फौरन राहत देगा। वहीं नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन द्वारा कैफीन को लेकर प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार कैफीन आपके एयरवेज को खोल देता है, जिस वजह से फेफड़ों तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंच पाता है। वहीं यह कोविड-19 के कुछ लक्षणों को भी नियंत्रित रखने में मदद करता था।

अदरक की चाय भी है असरदार

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन के अनुसार अदरक में एंटी इन्फ्लेमेटरी और पेन रिलीविंग प्रॉपर्टी मौजूद होती है। ऐसे में आप इन्हें चाय के तौर पर ले सकती हैं। यह जमे बलगम को बाहर निकालता है, साथ ही सीने के दर्द से भी राहत पाने में मदद करता है।

खुद को हाइड्रेटेड रखें

पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, यह आपके शरीर को डिहाइड्रेटेड नहीं होने देता। इसके साथ ही घर पर अन्य प्रकार के पेय पदार्थों की चुस्की ले सकती हैं। यह आपको हाइड्रेटेड रखने के साथ ही शरीर को ठंडक देता है और फीवर उतारने में भी मदद करता है।

मेथी के बीज की चाय रहेगी फायदेमंद

जर्नल ऑफ सऊदी सोसाइटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंस द्वारा 2018 में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार मेथी के बीज के चाय के सेवन से पसीना आता है। वहीं पासीना शरीर को ठंडा करता है, ऐसे में फीवर भी कम हो जाता है।

उपचार से बचाव है बेहतर

  • सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन द्वारा निमोनिया को लेकर प्रकाशित डेटा के अनुसार दिनचर्या में कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखते हुए आप निमोनिया के संक्रमण को खुद से दूर रख सकती हैं।
  • यदि ऑफ अस्थमा, डायबिटीज और हार्ट डिजीज से पीड़ित हैं तो इन समस्याओं का खास ध्यान रखें।
  • नियमित रूप से दोनों हाथों को अच्छी तरह धोएं। यह बैक्टीरिया और जर्म्स को शरीर में प्रवेश करने से रोकता है।
  • घर की उन सभी जगहों को साफ रखें, जिन्हें बार-बार छूती हैं।
  • धूम्रपान की आदत को पूरी तरह छोड़ दें। पेसिव स्मोकिंग भी आपके लिए घातक हो सकती है। इसलिए धूम्रपान के धुएं के संपर्क में आने से भी बचें।
  • खांसते और छीकते वक़्त रुमाल का इस्तेमाल करें। साथ ही अपनी हथेलियों और कपड़ों से मुंह न ढकें।

गर्मागर्म सूप पिएं

मौसम के हिसाब से ताज़ा सब्ज़ियों से बना सूप न सिर्फ आपको पोषण देगा बल्कि इंफेक्शन से लड़ने के लिए ये ज़रूरी फ्लूयड की ज़रूरत भी पूरी करेगा। गर्म लिक्विड पीने से शरीर को गर्माहट मिलती है और ज़ुकाम से राहत मिलती है।

अदरक या हल्दी की चाय पिएं

निमोनिया में खांसी काफी होती है, जिससे सीने में दर्द हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि निमोनिया में अगर अदरक या फिर हल्दी की चाय पी जाए, तो लगातार आ रही खांसी में काफी आराम मिलता है। अदरक और हल्दी के के वैसे भी सेहत के लिए काफी लाभ हैं।

शहद भी लाभदायक

शहद में ऐंटिबैक्टिरियल, ऐंटिफंगल और ऐंटिऑक्सिडेंट गुण मौजूद होते हैं, जो निमोनिया में भी फायदा पहुंचा सकते हैं। निमोनिया में होने वाले कफ और कोल्ड में शहद के सेवन से आराम मिलता है। इसके लिए 1/4 गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर हर रोज़ पीने से निमोनिया में आराम मिल सकता है।

पेपरमिंट की चाय

पेपरमिंट ऐंटी-इन्फ्लेमेट्री होता है, जो सीने में मौजूद कंजेशन को कम करने में मदद करता है और साथ पेनकिलर का काम भी करता है। अगर पेपरमिंट की गर्मागर्म चाय पी जाए, तो इससे गले में होने वाली खिचखिच दूर होगी और कफ भी बाहर निकलेगा। जिससे काफी राहत मिलेगी।

कॉफी पिएं

अगर आपको चाय ज़्यादा नहीं पसंद तो आप गर्म कॉफी भी सकते हैं। इसे पीने से निमोनिया की वजह से होने वाली सांस से जुड़ी दिक्कत में राहत मिलती है। कॉफी में मौजूद कैफीन से फेफड़ों का कंजेशन ख़त्म होता है और सांस लेने में आसानी होती है।

गुनगुना सेक लगाएं

शरीर को आराम देने और आपके तापमान को कम करने के लिए गुनगुना सेक दिया जाता है. इसलिए बेहतर है कि आप अपने आप को या व्यक्ति को सिर और ऊपरी शरीर पर धीरे-धीरे गुनगुना सेक दें. इस सेक को देने के लिए आप तौलिये का इस्तेमाल कर सकते हैं.

दर्द निवारक लेना

काउंटर पर मिलने वाली दवाएं बुखार और इसके साथ आने वाले शरीर के दर्द को कम करने में मदद करती हैं. कई बार यह असहनीय हो जाता है और वह व्यक्ति ठीक से आराम भी नहीं कर पाता है. इसलिए बुखार और दर्द के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए दर्द निवारक दवाएं देना महत्वपूर्ण हो जाता है. आपको इसके लिए अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

गर्म पुदीने की चाय

पुदीना निमोनिया के लिए एक बहुत अच्छा उपाय है क्योंकि इसमें एक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है जो गले और शरीर से बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है. यह खराब खांसी के इलाज के लिए प्रभावी उपाय है और गले और शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द के लिए दर्द निवारक के रूप में भी काम करता है. खांसी और संबंधित समस्याओं से राहत पाने के लिए लोग दिन में दो बार पुदीने की चाय पी सकते हैं.

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