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जापान में आया 6.6 तीव्रता का भूकंप,सुनामी की भी चेतावनी जारी


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नई दिल्लीः जापान में एक के बाद एक तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। पहला भूकंप इजू आइलैंड पर महसूस किया गया। इस भूकंप की तीव्रता 6.6 बताई गई है।जापान में आया भूकंप इतना तेज था कि सरकार को द्वीपों के पास सुनामी की चेतावनी जारी करनी पड़ी है। अधिकारियों का कहना है कि संभावित सुनामी एक मीटर की ऊंचाई तक पहुंच सकती है। एजेंसी ने इज़ू श्रृंखला में द्वीपों के लिए 1 मीटर तक की ऊंचाई तक लहरें उठने की भविष्यवाणी की है।एनएचके टीवी के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.6 मैग्निट्यूड मापी गई है। सरकार ने एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि लोग तटों और नदी के किनारों से दूर रहें।

सुनामी की भी चेतावनी जारी

जापान में आज (गुरुवार, 5 अक्टूबर) को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. इसके बाद देश के इजू द्वीपों पर सुनामी का खतरा मंडराने लगा है. इसे लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है.भूंकप जापानी समय के मुताबिक सुबह 11 बजे इज़ू द्वीप श्रृंखला में तोरीशिमा के पास 10 किलोमीटर की गहराई पर आया। इसके 45 मिनट बाद इजू आईलैंड पर एक और तेज भूकंप आया। इसकी तीव्रता 5.40 बताई गई है। तटीय क्षेत्रों और नदी के मुहाने के पास के लोगों को ऊंचे स्थानों पर चले जाने की सलाह दी गई है।मौसम विज्ञान एजेंसी ने कहा है कि इज़ू श्रृंखला के द्वीपों पर एक मीटर तक की ऊंचाई वाली सुनामी की लहरें आ सकती हैं. वहीं पूर्व में चिबा प्रीफेक्चर से लेकर पश्चिम में कागोशिमा प्रीफेक्चर तक फैले इलाके में 0.2 मीटर तक की लहरें आने की आशंका जताई गई है.

भूकंप प्रभावित क्षेत्र है जापान

धरती पर जापान सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित इलाकों में से एक माना जाता है। 2011 में आए भीषण भूकंप के कारण आई सुनामी ने उत्तरी जापान के बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया था और फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को भी भारी नुकसान हुआ था।

इतनी तीव्रता का था भूकंप

एनएचके टीवी के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.6 मैग्निट्यूड मापी गई है। सरकार ने एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि लोग तटों और नदी के किनारों से दूर रहें

जापान में सबसे ज्यादा आते हैं भूकंप

बता दें कि जापान में दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा भूकंप आते हैं. जापान पृथ्वी पर सर्वाधिक भूकंप प्रवण वाले स्थानों में से एक है. यहां साल 2011 में आए भीषण भूकंप के कारण आई सुनामी ने उत्तरी जापान के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया था. इस सुनामी में फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को भारी नुकसान पहुंचा था. इसी के बाद इस प्लांट का कूलिंग वाटर रेडियोएक्टिव पदार्थों के मिलने से दूषित हो गया था. उसके बाद से ही जापानी सरकार ने इस पानी को फुकुशिमा दाइची संयंत्र में टंकियों में स्टोर करके रखा था, जिसे जापान अब समुद्र में छोड़ने जा रहा है.

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