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विश्व

कोरोना वायरस के बीच वेस्ट नाइल वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर रूस ने दी चेतावनी

मॉस्को – रूस ने अगस्त के अंत में वेस्ट नाइल वायरस (WNV) संक्रमण में संभावित वृद्धि के बारे में चेतावनी दी थी। रूस में, 80% से अधिक वेस्ट नाइल बुखार दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में दर्ज किया गया है। शरद ऋतु का मौसम अपने साथ एक उष्णकटिबंधीय जलवायु और भारी बारिश लाता है जो मच्छरों के लिए इस वायरस को स्थानांतरित करने और इसे फैलाने के लिए अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण करता है। जिससे इस वायरस का संक्रमण बढ़ जाता है।

जो लोग बूढ़े हैं, बच्चे भी और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले अन्य लोग भी वेस्ट नाइल फीवर के शिकार हो सकते है। बचाव का सबसे सुरक्षित तरीका मच्छर फैलाने वाले वायरस के संपर्क से बचना है।

वेस्ट नाइल वायरस (WNV) क्या है?
संक्रमित मच्छर वेस्ट नाइल वायरस फैलाते है। एक संक्रमित क्यूलेक्स मच्छर के माध्यम से, वायरस तब पक्षियों से मनुष्यों में फैलता है जो संभवतः मनुष्यों में तंत्रिका संबंधी रोगों को जन्म दे सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, 20% मामले, जीका, डेंगू और पीले बुखार के वायरस जैसी अन्य बीमारियों से भी संबंधित हैं, वेस्ट नाइल बुखार के कारण होते है।

वेस्ट नाइल के लक्षण :
जो लोग वेस्ट नाइल फीवर से पीड़ित हैं उनमें कोई अन्य विशेष लक्षण नहीं होते है। वे बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते और सूजी हुई लिम्फ ग्रंथियों का अनुभव करते है। लक्षण या तो लंबे समय तक चलते हैं या अपने आप ही गायब हो जाते है।

वेस्ट नाइल के उपचार :
अभी तक इस बीमारी का कोई विशिष्ट इलाज नहीं है। मच्छरों के काटने से बचाव कर इस वायरस से खुद को बचाया जा सकता है। इंडिया डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, जो उपचार मौजूद है, उसमें ‘अस्पताल में भर्ती होना, नसों में तरल पदार्थ, श्वसन सहायता और न्यूरो-इनवेसिव वेस्ट नाइल वायरस के रोगियों के लिए द्वितीयक संक्रमण से सुरक्षा’ शामिल है।

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