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मार्गशीर्ष माह और इस साल की आखिरी अमावस्या


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नई दिल्ली – अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार साल का आखिरी महीना चल रहा है. वही हिंदी कैलेंडर के अनुसार, यह महीना मार्गशीर्ष महीना कहलाता है और मार्गशीर्ष महीना कार्तिक की ही तरह भगवान विष्णु को समर्पित रहता है. इसी महीने में श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था और कहा था- कि मैं ही मार्गशीर्ष का महीना हूं.

अमावस्या के दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में

अमावस्या के दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में होते हैं. इस तिथि के स्वामी पितर हैं, इसलिए पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए ये दिन बहुत खास है. अमावस्या तिथि के दौरान दिन के आठवें मुहूर्त यानी 11 से 12 बजे के बीच में पितरों की पूजा करने का विधान है. इस वक्त पितरों के लिए तर्पण और धूप देना चाहिए. साथ ही पंचबलि भोग निकालें और ब्राह्मण भोजन कराएं. इसके बाद यथाशक्ति कपड़े, खाना, तिल, गुड़ या नमक का दान करें. मान्यता है इससे पितर खुश होकर परिवार जन को खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं.

भौमवती अमावस्या

विजय उपाध्याय ने बताया कि भौमवती अमावस्या के दिन गंगा के तट पर स्नान करना एवं सत्यनारायण कथा सुनने का भी विशेष महत्व है.यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश गंगा के तट पर स्नान के लिए नहीं पहुंच पाते हैं तो वह अपने घर में बाल्टी के पानी में गंगाजल की कुछ बूंद एवं तिल डालकर स्नान कर सकते हैं इससे उन्हें गंगा स्नान का लाभ प्राप्त होगा.इस दिन ब्राह्मण,साधु, वैष्णव, बाल ब्रह्मचारी, त्यागी सन्यासी को भोजन कराने से यज्ञ के बराबर फल की प्राप्ति होती है. उन्होंने बताया कि अमावस्या तिथि को तर्पण और कर्ज से मुक्ति के लिए बहुत खास माना गया है.

मंगल ग्रह की भात पूजा और हनुमान जी की उपासना

साल में मंगलवार और अमावस्या के योग बहुत कम देखने को मिलता है. इसे भौमावस्या कहा जाता है. इस दिन मंगल ग्रह की भात पूजा और हनुमान जी की उपासना करने से रोग खत्म होते हैं, कर्ज से छुटकारा मिलता है. भौमवती अमावस्या भात पूजा में उबले चावल से शिवलिंग का श्रृंगार की जाता है और विधिवत पूजा की जाती है. मंगल की अशुभता से जीवन में पति-पत्नी में तालमेल नहीं बनता, भूमि-भवन से जुड़ी समस्याएं बनी रहती है. रक्त संबंधी बीमारी होने लगती है.

पितरों का भी मिलेगा आशीर्वाद

देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. नंदकिशोर मुद्गल ने बताया कि कई जातकों की कुंडली में मंगल दोष होता है, जिसके कारण मांगलिक कार्यों के साथ-साथ शादी-विवाह में बाधा उत्पन्न होती है. वहीं, मार्कशीर्ष महीने की अमावस्या 12 दिसंबर को पड़ने जा रही है. खास बात ये कि यह अमावस्या मंगलवार को पड़ रही है, इस कारण भौमवती अमावस्या है. मंगल दोष निवारण के लिए इसे बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन अगर आप कुछ उपाय कर लेते हैं तो मंगल दोष के साथ-साथ पितृ दोष से भी राहत मिलती है. शादी विवाह की अड़चन दूर होती है. पितरों का आशीर्वाद मिलता है.

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