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Mast Mein Rehne Ka Review: जैकी श्रॉफ और नीना गुप्ता की छोटी-छोटी खुशियां दुख, भूली बिसरी यादें की कहानी


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मुंबई – Mast Mein Rehne Ka Review मस्त में रहने का फिल्म एक मनोरंजक फिल्म है जो मुंबई जैसे भागदौड़ और भीड़ वाले शहर में जिंदगी के अकेलेपन के दंश को दिखाती है। जैकी श्रॉफ ने 75 साल के बुजुर्ग का किरदार निभाया है जो बिल्कुल अकेला रहता है। नीना गुप्ता उम्रदराज महिला के रोल में हैं जिसका बेटा और बहू कनाडा में रहते हैं।

मस्त में रहने का कहानी

मां बाप अपने बच्चों की परवरिश इस उम्मीद में करते हैं कि जब उनकी वृद्धवास्था आएगी तो वह उनके बुढ़ापे का सहारा बनेंगे लेकिन ऐसा होता बहुत ही कम है । बच्चे बड़े होकर अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों में इस कदर व्यस्त हो जाते हैं कि उन्हें अपने माता पिता की चिंता नहीं होती हैं। ऐसे में अकेलापन इंसान को अंदर ही अंदर खोखला करता रहता है। जिंदगी तब और बोझ बन जाती है जब पति पत्नी में से कोई एक नहीं रहता है। ऐसे में जिंदगी को कैसे जिया जाए। फिल्म में छोटी-छोटी खुशियां दुख, भूली बिसरी यादें जैसे हर पहलू को बहुत ही बारीकी से दिखाया गया है।

युवाओं के संघर्ष को भी दिखाती है फिल्म

दूसरी ओर नन्हे (अभिषेक चौहान) और रानी (मोनिका पंवर) की कहानी है। नन्हे अपने गांव से भागकर मुंबई आया है, लेकिन मायानगरी के कभी न खत्म होने वाले चक्रव्यूह में फंस जाता है। मजबूरी में वह अकेले रहने वाले बुजुर्गों के घर में चोरी करने लगता है।नन्हे को सिग्नल पर भीख मांगने वाली रानी से प्यार हो जाता है। उसे करीब से जानने पर रानी की जिंदगी के अन्य पहलू सामने आते हैं।

लेखक-निर्देशक विजय मौर्या ने की

फिल्म ‘मस्त में रहने का’ के लेखक-निर्देशक विजय मौर्या ‘गली बॉय’ और ‘तुम्हारी सल्लू’ जैसी फिल्में लिख चुके हैं। इस फिल्म में उन्होंने ‘गली बॉय’ जैसी ही दुनिया रचने की कोशिश की है। नन्हे और रानी के किरदार के जरिए जहां उन्होंने मुंबई जैसे महानगर की झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों की मनोदशा दिखाई है, वहीं मिस्टर कामत और प्रकाश कौर के किरदार मुंबई के पॉश इलाकों में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की मजबूरी और उनके अकेलेपन को दर्शाते हैं। कामत के घर जब नन्हे चोरी करने जाता है तो वह चोर से कहते हैं कि उनको जान से मार दे। लेकिन जैसे ही उनकी मुलाकात प्रकाश कौर से होती है, उनको लगता है कि जिंदगी को फिर से एक नए सिरे से जी जा सकती है।

कलाकारों की बात करें तो नीना गुप्‍ता और जैकी श्रॉफ

कलाकारों की बात करें तो नीना गुप्‍ता मंझी अभिनेत्री हैं। उन्‍होंने प्रकाश कौर की मनोदशा, दर्द और जिंदगी के प्रति नजरिए को बखूबी आत्‍मसात किया है। कामत की भूमिका में जैकी श्रॉफ जंचते हैं। शॉर्ट फिल्‍म खुजली के बाद दोनों फिर साथ आए हैं। उनकी केमिस्‍ट्री स्‍क्रीन पर काफी अच्‍छी लगती है।

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