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Mother’s Day 2023: जाने मदर्स डे का इतिहास,रविवार को ही क्यों मनाया जाता है


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नई दिल्ली – इस दिन को मनाने के लिए अपनी मां को खुश करने के लिए बच्चे तैयारियों में जुट जाते हैं. हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है, करीब 111 साल से ये परंपरा चली आ रही है. आज आपको इस दिन से जुड़ी स्पेशल बातें बताते हैं, कैसे इस दिन की शुरुआत हुई ? कैसे ये दिन मां को समर्पित किया गया. इस दिन में क्या है खास और इसको मनाने का सही तरीका क्या है.

दुनिया भर में मदर्स डे अलग-अलग तारीखों को मनाया जाता लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत, न्यूजीलैंड और कनाडा सहित अधिकांश देशों में मदर्स डे हर साल मई के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। इस साल ये दिन 14 मई 2023 को है। यानी मदर्स डे 14 मई 2023 को मनाया जाएगा। कई देशों में मदर्स डे मार्च के महीने में मनाया जाता है।

इस दिन की शुरुआत एना जार्विस (Mothers day celebration) ने की थी, उन्होंने ये दिन अपनी मां को समर्पित किया था और लगभग 111 साल से ये परंपरा चली आ रही है. इसके बाद से मदर्स डे मनाया जा रहा है. दरअसल इस दिन की शुरुआत एना जार्विस की मां करना चाहती थी, उनका उद्देश्य था कि एक दिन मां के लिए समर्पित होना चाहिए, एक दिन स्कूल में पढ़ाते वक्त उन्होंने बच्चों को बताया कि हर साल एक दिन ऐसा आएगा, जो मां के सम्मान में मनाया जाएगा. सबसे पहला मदर्स डे 8 मई 1914 को अमेरिका में मनाया गया. तबसे लेकर ये अबतक मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है. बता दें ऐना की मां के निधन के बाद ऐना और उनके दोस्तों ने एक अभियान शुरू किया, जिसमें मदर्स डे के दिन राष्ट्रीय छुट्टी ऐसा कहा गया.

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