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नसीरुद्दीन संग रत्ना पाठक की शादी के खिलाफ थे माता-पिता,अब एक्ट्रेस ने किया खुलासा

मुंबई – बॉलीवुड एक्ट्रेस रत्ना पाठक न केवल अपनी एक्टिगं बल्कि पर्सनल लाइफ को लेकर भी सुर्खियों में बनी रहती हैं. रत्ना पिछले कुछ सालों से अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं. दरअसल रत्ना पाठक और एक्टर नसीरुद्दीन अपनी शादी को लेकर काफी ट्रोल हुए हैं. कपल की शादी को 42 साल हो गए हैं. शादी के इतने सालों बाद एक्ट्रेस ने बताया है कि इंटर रिलीजन शादी लेकर उनके और नसीरुद्दीन के घरवालों का क्या रिएक्शन था.

पिता नहीं थे खुश

मीडिया में दिए इंटरव्यू में रत्ना पाठक ने बताया है कि उनके पिता उनकी शादी से पूरी तरह खुश नहीं थे, लेकिन उनकी शादी से पहले ही उनका निधन हो गया था. मां के रिएक्शन पर बात करते हुए रत्ना ने बताया मां और नसीर के बीच रिश्ते काफी खराब थे लेकिन उनमें समझौता हो गया फिर वह दोनों दोस्त बन गए.

कैसी थी रत्ना के माता-पिता की प्रतिक्रिया

हाउटरफ्लाई को दिए एक इंटरव्यू में जब रत्ना से पूछा गया कि क्या उनके परिवार को नसीरुद्दीन के साथ उनकी शादी पर आपत्ति थी। इस सवाल का जवाब देते हुए रत्ना ने कहा, “मेरे पिता इस रिश्ते से पूरी तरह से खुश नहीं थे, लेकिन दुर्भाग्यवश, हमारी शादी से पहले ही उनका निधन हो गया। मां और नसीर के बीच रिश्ते बहुत ज्यादा खराब थे, लेकिन उनमें भी समय के साथ समझौता हो गया और आखिरकार वे दोस्त बन गए।”

कैसा था नसीरुद्दीन के परिवार का रिएक्शन

रत्ना पाठक ने इंटरव्यू में आगे नसीरुद्दीन के परिवार का रिएक्शन बताते हुओ कहा- नसीर के परिवार में बिल्कुल भी हंगामा नहीं हुआ. परिवार में कभी भी किसी ने सी शब्द यानी कर्न्वट शब्द का यूज नहीं किया. मेरे बारे कुछ भी नहीं बोला. मैं जैसी थी वैसे ही उन लोगों ने मुझे अपनाया.

नसीरुद्दीन के परिवार ने नहीं किया हंगामा- रत्ना

रत्ना ने खुलासा किया कि नसीरुद्दीन के परिवार को इस शादी से जरा भी आपत्ती नहीं थी। वह बोलीं, “आश्चर्य की बात यह थी कि नसीर के परिवार ने बिल्कुल भी हंगामा नहीं किया। एक बार भी किसी ने कंवर्ट शब्द का जिक्र तक नहीं किया। मेरे बारे में किसी ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने मुझे वैसे ही स्वीकार किया जैसी मैं हूं।” रत्ना के अनुसार वह बहुत भाग्यशाली हैं क्योंकि उन्हें घर बसाने में परेशानी नहीं हुई।

नसीरुद्दीन के साथ रिश्ते पर बोलीं रत्ना

अभिनेत्री ने नसीरुद्दीन के साथ अपने रिश्ते पर भी विचार साझा किए और बताया कि उनके मुताबिक शादी में किसी पर भी हर रोज एक ही काम करने का दबाव नहीं होना चाहिए। वह बोलीं, “सफल शादी में एक दूसरे से बात करना जरूरी है। मैं उनका और उनके संघर्षों का अपने संघर्षों से कई ज्यादा सम्मान करती हूं क्योंकि मुझे यह आसानी से मिल गया। नसीर एक बहुत ही पारंपरिक, विशेष प्रकार की पृष्ठभूमि से आते हैं।”

रत्ना के धर्म बदलने पर ससुराल ने नहीं डाला दबाव

शादी के बाद कई अभिनेत्रियां अपना धर्म बदल लेती हैं, लेकिन नसीर के परिवार ने कभी भी रत्ना पर धर्म बदलने का दबाव नहीं डाला। उन्होंने कहा, “हैरानगी की बात थी कि नसीर के परिवार ने बिल्कुल भी हंगामा नहीं किया। एक बार भी किसी ने कन्वर्ट का सी भी मेंशन नहीं किया। किसी ने मेरे बारे में कुछ नहीं कहा। मैं जैसी थी, उन्होंने मुझे वैसे ही स्वीकार किया।”

खुद को लकी मानती हैं रत्ना पाठक

रत्ना पाठक ने आगे कहा कि वह बहुत लकी हैं कि उन्हें इतना अच्छा ससुराल मिला। बकौल एक्ट्रेस, “मैं बहुत-बहुत खुशकिस्मत हूं, क्योंकि मैंने ऐसे लोगों के बारे में सुना है जिन्हें घर बसाने में परेशानी होती है। बाद में सासू मां समेत सभी लोगों से मेरी दोस्ती हो गई। वे बहुत ही घरेलू किस्म के व्यक्ति थे, लेकिन हर स्थिति में बेहद उदार भी थे।”

सास बनी दोस्त

रत्ना ने बताया है कि बाद में वह सबकी दोस्त बनी जिसमें उनकी सास भी शामिल थी. एक्ट्रेस ने बताया है कि उनकी सास बेहद घरेलू थी लेकिन वह बेहद लिब्रेल थी. रत्ना ने सफल रिश्ते के लिए आपसी सम्मान पर जोर दिया.

क्या है रत्ना और नसीरुद्दीन की सफल शादी का राज ?

एक सफल शादी के रहस्यों के बारे में बोलते हुए रत्ना ने कहा, “नसीर ने हमारे रिश्ते की शुरुआत में ही मुझसे कहा था कि यह अच्छा विचार है कि किसी रिश्ते को कभी भी पति, पत्नी, प्रेमी, प्रेमिका, प्रेमी का लेबल ना दिया जाए। अगर आप खुद को इंसानों के स्तर पर रख सकते हैं, बातचीत कर सकते हैं तो लेबल क्यों लगाएं। इससे मदद मिलती है और सौभाग्य से हम अपने बच्चों के साथ भी ऐसा करते हैं।”

कैसे हुई थी रत्ना और नसीरुद्दीन की मुलाकात

बता दें, 1975 में थिएटर के दिनों में नसीरुद्दीन और रत्ना की मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों 7 साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में भी रहे। इसके बाद दोनों ने 1982 में शादी की। अब दोनों 2 बेटों इमाद और विवान के माता-पिता है।

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