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World Population Day 2024 : क्यों मनाया जाता है विश्व जनसंख्या दिवस? जाने इतिहास और महत्व

नई दिल्लीः विश्व जनसंख्या दिवस या अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या दिवस हर साल 11 जुलाई के दिन मनाया जाता है. भारत दुनिया में सबसे बड़ी आबादी वाला देश है. इसके बाद दूसरे नंबर पर चीन का नाम आता है. ये बात हम सभी जानते हैं, लेकिन क्‍या आपको पता है कि दुनिया में सबसे कम आबादी वाला देश कौन सा है? शायद ही आपको पता होगा. दुनिया में सबसे कम आबादी वाला देश है वेटिकन सिटी. ये दुनिया का सबसे छोटा मान्‍यता प्राप्‍त देश है जो यूरोप के रोम में बसा है. वेटिकन सिटी की जनसंख्या 2023-24 तक 800 के आसपास बताई जाती है. ये देश मात्र 44 हेक्‍टेयर के क्षेत्रफल में बसा है. यहां रहने वाले ज्‍यादातर लोग कैथोलिक हैं. आज विश्‍व जनसंख्‍या दिवस (World Population Day 2024) के मौके पर आइए आपको बताते हैं इस देश से जुड़ी रोचक जानकारी.

भारत और चीन विश्व के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देशों में शामिल

साल 1989 में यूनाइटेड नेशंस (United Nations) के द्वारा इस दिन को मनाने की शुरूआत हुई थी. वैश्विक जनसंख्या 5 बिलियन के पार हुई थी जिस चलते इस दिन को ‘डे ऑफ फाइव बिलियन’ के रूप में मनाया गया था. इस दिन को मनाते हुए यह कोशिश की जाती है कि वैश्विक जनसंख्या का आंकड़ा तेजी से ना बढ़े और मौजूदा जनसंख्या में शिक्षा, रोजगार, समानता और सशक्तिकरण को लेकर जागरूकता बढ़े. भारत और चीन विश्व के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देशों में शामिल हैं जहां 1 बिलियन से ज्यादा जनसंख्या है जोकि वैश्विक जनसंख्या का 18 प्रतिशत है. लेकिन, क्या आप उन देशों के बारे में जानते हैं जहां की जनसंख्या ना के बराबर है? यहां देखिए सबसे कम जनसंख्या वाले देशों की सूची.

कब मनाया विश्व जनसंख्या दिवस?

विश्व जनसंख्या दिवस (World Population Day) हर साल 11 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन के महत्व को जागरूक करने के लिए समर्पित है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को जनसंख्या विस्फोट, परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, गरीबी, मातृ स्वास्थ्य और मानव अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना है।

विश्व जनसंख्या दिवस का इतिहास?

विश्व जनसंख्या दिवस की शुरुआत 1989 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा की गई थी।1987 तक दुनिया की जनसंख्या पांच अरब के करीब पहुंच चुकी थी, जिसे लेकर देशों को चिंता होने लगी। इस ऐतिहासिक घटना ने वैश्विक समुदाय का ध्यान तेजी से बढ़ती जनसंख्या और इससे जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित किया। इसके बाद, संयुक्त राष्ट्र ने 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया।

उद्देश्य और महत्व

विश्व जनसंख्या दिवस के महत्व की बात करें तो दुनिया के हर देश की सरकारें, संगठनें और जनसंख्या से संबंधित सभी लोग दुनिया में रहने वाले हर शख्स को इस बात का संदेश दे रहे हैं कि अब वक्त आ चुका है जनसंख्या संबंधी मुद्दों पर काम करने का। इसी के साथ ज्यादा जनसंख्या होने के कारण क्या परेशानियां हो सकती हैं, क्या चुनौतियां आने वाले समय में खड़ी होंगी इसको जानने का। 

परिवार नियोजन

विश्व जनसंख्या दिवस का मुख्य उद्देश्य परिवार नियोजन के महत्व को जागरूक करना है। सही जानकारी और संसाधनों की मदद से लोग अपनी परिवार की योजना बना सकते हैं और अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

जनसंख्या विस्फोट

तेजी से बढ़ती जनसंख्या कई समस्याओं को जन्म देती है, जैसे कि संसाधनों की कमी, पर्यावरण प्रदूषण, और जीवन स्तर में गिरावट। इस दिन का उद्देश्य इन समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करना और समाधान के उपाय प्रस्तुत करना है।

महिला सशक्तिकरण

जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन के मुद्दों में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इस दिन महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है और उन्हें सशक्त बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

स्वास्थ्य सेवाएं

विश्व जनसंख्या दिवस का एक और महत्वपूर्ण उद्देश्य मातृ स्वास्थ्य और नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है। उचित स्वास्थ्य सेवाओं की मदद से मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।

विश्व जनसंख्या दिवस 2024 की थीम क्या है

विश्व जनसंख्या दिवस को हर साल यूएनडीपी द्वारा एक खास थीम पर मनाया जाता है। साल 2023 की थीम थी- ‘एक ऐसी दुनिया की कल्पना करें, जहां हममें से सभी 8 अरब लोगों का भविष्य आशाओं और संभावनाओं से भरपूर हो।’ वहीं, इस साल विश्व जनसंख्या दिवस की थीम “किसी को पीछे न छोड़ें, सभी की गिनती करें” रखा गया है। विश्व जनसंख्या दिवस 2024 की थीम का ऐलान करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, “इस वर्ष का थीम मुद्दों को समझने, समाधान तैयार करने और प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए जनसंख्या का डाटा होना कितना जरूरी है, इस पर आधारित है। इस डेटा के लिए वित्तीय निवेश भी महत्वपूर्ण है। मैं देशों से आग्रह करता हूं कि वे इस वर्ष भविष्य के शिखर सम्मेलन का लाभ उठाएं ताकि सतत विकास के लिए सस्ती पूंजी को अनलॉक किया जा सके।”

विश्व के सबसे कम जनसंख्या वाले देश

वेटिकन सिटी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेटिकन सिटी (Vatican City) सबसे कम जनसंख्या वाला देश हैं. 2023 -2024 के बीच वेटिकन सिटी की जनसंख्या केवल 764 थी.

टोकेलौ

प्रशांत महासागर में स्थित यह द्वीप 26 स्क्वैर किलोमीटर में फैला है और यहां लगभग 1,915 लोग रहते हैं. यहां पहुंचने की कुछ खास सुविधा ना होना ही इसकी कम आबादी की एक बड़ी वजह है.

निउए

प्रशांत महासागर में स्थित द्वीप समूह हे निउए. यहां की आबादी केवल 1,925 है. न्यूज़ीलैंड के साथ स्वतंत्र रूप से जुड़े इस स्व-शासित द्वीप देश का क्षेत्रफल मात्र 260 वर्ग किलोमीटर है.

फॉकलैंड

फॉकलैंड द्वीप समूह की पृथक स्थिति और कठोर उप-अंटार्कटिक जलवायु इसे बड़े पैमाने पर बसने के लिए एक अनाकर्षक गंतव्य बनाती है. यही कारण है कि यहां 3,500 के करीब की आबादी है. इस द्वीप की अर्थव्यवस्था (Economy) मछली पकड़ने और पर्यटन पर बहुत अधिक निर्भर है.

मॉण्टसेराट

इस कैरेबियाई द्वीप राष्ट्र की अनुमानित आबादी 4,372 है, जिसका मुख्य कारण 1990 के दशक में एक विनाशकारी ज्वालामुखी विस्फोट था, जिसने द्वीप के अधिकांश हिस्से को नष्ट कर दिया और कई निवासियों को भागने के लिए मजबूर किया. देश का सीमित भूमि क्षेत्र और ज्वालामुखी गतिविधि जनसंख्या वृद्धि में बाधा बनी हुई है.

Most Populous Country: वो देश, जहां की आबादी सबसे ज्यादा है?

worldometers के मुताबिक सबसे ज्यादा आबादी वाला देश भारत है। उसके बाद चीन, यूनाइटेड अमेरिका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, नाइजीरिया, ब्राजील, बांग्लादेश, रूस सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश हैं।

भारत: 1,428,627,663 जनसंख्या
चीन: 1,425,671,352 जनसंख्या
यूनाइटेड अमेरिका: 339,996,563 जनसंख्या
इंडोनेशिया: 277,534,122 जनसंख्या
पाकिस्तान: 240,485,658 जनसंख्या
नाइजीरिया: 223,804,632 जनसंख्या
ब्राजील: 216,422,446 जनसंख्या
बांग्लादेश: 172,954,319 जनसंख्या
रूस: 144,444,359 जनसंख्या
मैक्सिको: 128,455,567 जनसंख्या
इथियोपिया: 126,527,060 जनसंख्या

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