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भारत

कैप्टन अंशुमन सिंह की पत्नी पर किये गंदे-गंदे कमेंट, दिल्ली पुलिस से की गिरफ्तारी और रिपोर्ट की मांग

नई दिल्ली : कैप्टन अंशुमान सिंह की पत्नी के खिलाफ अश्लील टिप्पणी करने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। अब महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस से जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह जुलाई को रक्षा अलंकरण समारोह में कैप्टन अंशुमान सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया था। दिल्ली के रहने वाले एक युवक ने उनकी पत्नी के खिलाफ सोशल मीडिया पर भद्दी शब्दावली का प्रयोग किया था। जिसके बाद अब महिला आयोग ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। महिला आयोग के अनुसार शहीद अफसर की पत्नी पर इस तरह का कमेंट बेहद गंभीर है।

क्या है पूरा मामला समझिए

एनसीडब्ल्यू ने दिल्ली पुलिस को लिखे पत्र में लिखा है कि राष्ट्रीय महिला आयोग को एक स्क्रीनशॉट मिला है, जिसमें दिल्ली निवासी अहमद के. ने कीर्ति चक्र कैप्टन अंशुमन सिंह की विधवा की तस्वीर पर बेहद भद्दी और अपमानजनक टिप्पणी की है। आयोग ने प्रथम दृष्टया पाया है कि रिपोर्ट किया गया अपराध भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के निम्नलिखित प्रावधानों के तहत आता है। महिला आयोग ने आगे कहा कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 79 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। एनसीडब्ल्यू ने दिल्ली पुलिस से अहमद के के खिलाफ तुरंत प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने और उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करने को कहा है। एनसीडब्ल्यू ने अगले तीन दिनों के भीतर दिल्ली पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

3 साल या इससे कड़ी सजा का है प्रावधान

राष्ट्रीय महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को इस बाबत एक लेटर भी लिखा है। जिसके नीच गंदे कमेंट वाले स्क्रीन शॉट भी अटैच किए गए हैं। इन दरिंदों के कमेंट इतने गंदे हैं कि आपको हम दिखा भी नहीं सकते। ऐसे कमेंट पढ़कर हर कोई शर्मसार हो जाएगा। जिसमें कानूनी प्रावधानों का जिक्र किया गया है। इनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 का जिक्र है। वहीं, आईटी एक्ट की धारा 67 का भी हवाला दिया गया है। इन धाराओं के तहत अगर किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो उसे 3 साल तक की सजा हो सकती है। दोबारा ऐसे अपराध में शामिल मिलने पर और कड़ी सजा का प्रावधान है।

सोशल मीडिया पर की अभद्र टिप्पणी

सोशल मीडिया पर जहां कई यूजर्स ने शहीद सैन्यकर्मी को भावनात्मक श्रद्धांजलि दी, वहीं एक उपयोगकर्ता ने अपमानजनक टिप्पणी की. राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा को लिखे गए पत्र में इस टिप्पणी को “अश्लील” बताया है.

क्या है बीएनएस की धारा 79?

नए कानून बी. एन. एस. की धारा 79 एक महिला का अपमान करने के उद्देश्य से किए गए कार्यों के लिए दंडित करती है और ऐसा करने के परिणामस्वरूप तीन साल तक की जेल और पहली बार के अपराधियों के लिए जुर्माना हो सकता है, जिसमें बार-बार अपराधों के लिए कठोर दंड भी दिया जा सकता है।

पुलिस तीन दिन के अंदर करे कार्रवाई

एनसीडब्लू ने दिल्ली पुलिस को उक्त व्यक्ति के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने और तत्काल आरोपी को गिरफ्तार करने को कहा है. आयोग ने पुलिस ने इस मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की भी मांग की है. साथ ही तीन दिन के अंदर कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है.

एनसीडब्लू ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी

एनसीडब्ल्यू ने पुलिस से उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने और तीन दिन के अंदर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए भी कहा है. कई लोगों ने एनसीडब्ल्यू को टैग करके उस व्यक्ति की टिप्पणी के स्क्रीनशॉट शेयर करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. एनडीटीवी ने टिप्पणी प्रकाशित नहीं करने का फैसला किया है.

कैप्टन अंशुमन सिंह पंजाब रेजिमेंट की 26वीं बटालियन के सेना मेडिकल कोर का हिस्सा थे

कीर्ति चक्र विजेता कैप्टन अंशुमन सिंह पंजाब रेजिमेंट की 26वीं बटालियन के सेना मेडिकल कोर का हिस्सा थे. वह ऑपरेशन मेघदूत के दौरान सियाचिन में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर तैनात थे. 19 जुलाई 2023 को सियाचिन के चंदन ड्रॉपिंग जोन में हुई भीषण अग्निदुर्घटना के दौरान अंशुमन ने वहां फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की थी. इसी दौरान मेडिकल इंवेस्टिगेशन सेंटर तक आग फैल गई. ये देखकर कैप्टन अंशुमन ने अपनी जान की परवाह किए बगैर उसमें कूद गए थे.

साथियों को बचाते हुए शहीद हुए थे कैप्टन अंशुमान

कैप्टन अंशुमान सिंह 19 जुलाई, 2023 की रात में जिस कैंप में थे वहां भारतीय सेना के गोला-बारूद के भंडार में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई थी. कैप्टन सिंह ने एक फाइबरग्लास हट को आग की लपटों में घिरा देखा और तुरंत अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए पहुंच गए. उन्होंने चार से पांच लोगों को सफलतापूर्वक बचा लिया. हालांकि आग जल्द ही पास के मेडिकल जांच कक्ष में भी फैल गई.कैप्टन सिंह फिर से कैंप के धधकते हुए हिस्से में चले गए. अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद वे आग से बच नहीं पाए और उनकी मौत हो गई. बिहार के भागलपुर में 22 जुलाई, 2023 को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था.

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