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दुनिया में लगातार बज रहा है पीएम मोदी का डंका ,मिला रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान,बनाया रिकॉर्ड

नई दिल्लीः पीएम मोदी का एक ग्लोबल लीडर के तौर पर ओहदा लगातार बढ़ता जा रहा है. विदेशी धरती पर उन्हें कई देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से नवाजा है. बीते 10 सालों में लगभग 16 देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया है. इसमें कई मुस्लिम देश भी शामिल हैं.किसी दूसरे देश से मिला नागरिक सम्मान का महत्व अपने आप में विशिष्ट होता है, आपको बता दें कि जब कोई देश किसी दूसरे देश के नेता को अपने यहां का सर्वोच्च पुरस्कार देता है, तो यह उन दोनों देशों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने और आगे बढ़ाने में उस व्यक्ति के व्यक्तिगत प्रयास को दर्शाता है. इंटनेशनल लेवल पर ऐसा माना जाता है कि इस तरह के अवार्ड देने से दोनों देशों के संबंध और भी आगे बढ़ते हैं.

पीएम मोदी को मिला रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

एक ग्लोबल लीडर के तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रुतबा लगातार बढ़ता जा रहा है. इसके सबूत हैं जिस तरीके से दुनिया के तमाम देशो में पीएम मोदी को लगातार उस देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नावाजा जाता है. इस कड़ी में रूस के दौरे पर गए पीएम मोदी को एक और सम्मान मिला है और वो है रूस का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम नरेंद्र मोदी को रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल से सम्मानित किया। बता दें कि इस सम्मान की घोषणा 2019 में की गई थी.

मोदी रूस में 26 घंटे रहे, पुतिन के साथ 8 घंटे बिताए

मोदी ने दो दिवसीय दौरे पर रूस में 26 घंटे बिताए। इस दौरान पुतिन के साथ 7-8 घंटे रहे। दोनों नेताओं ने औपचारिक और अनौपचारिक चार मीटिंग कीं। प्राइवेट डिनर करने के अलावा उन्होंने साथ में लंच भी किया। रूसी राष्ट्रपति ने मोदी को गोल्फ कार्ट में घुमाया।

क्या है ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल?

जानकारी के लिए बता दें कि ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल रूस में वीरता का सर्वोच्च आदेश है। इसे ज़ार पीटर द ग्रेट ने 1698 में सेंट एंड्रयू के सम्मान में शुरू किया था, सेंट एंड्रयू यीशु के बाद पहले संत थे, को रूस का संरक्षक संत माना जाता है। यह सम्मान मूल रूप से रूस के उत्कृष्ट नागरिक और सैन्य में उत्कृष्ट काम करने वाले और राज्य के लिए असाधारण सेवा के लिए व्यक्तियों को पुरस्कृत करने के लिए बनाया गया था।इस अवार्ड के प्रतीक चिन्ह में आमतौर पर एक नीला सैश, सेंट एंड्रयू का क्रॉस वाला एक बैज और छाती पर पहना जाने वाला एक स्टार भी शामिल होता है। बैज में सेंट एंड्रयू का एक सुनहरा क्रॉस होता है, जिस पर एक X-आकार का क्रॉस जैसा सिंबल है।1917 में रूसी क्रांति के बाद इस आदेश को समाप्त कर दिया गया था, लेकिन सोवियत काल के बाद इसे फिर से शुरू किया गया। आज भी रूसी संघ में इसे सम्मानित किया जाता है, जो उच्च सम्मान और विशिष्टता के प्रतीक के रूप में अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखता है। बता दें कि रूस में, ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल को अभी भी रूस के राष्ट्रपति द्वारा देश के प्रति असाधारण सेवा के लिए प्रदान किया जाता है, जो सर्वोच्च राज्य सम्मान के रूप में इसकी ऐतिहासिक परंपरा को कायम रखता है।

क्या हैं इसके मायने?

नरेंद्र मोदी को भारत और रूस के बीच साझेदारी और मित्रता को बढ़ावा देने के उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए रूस का सर्वोच्च राज्य पुरस्कार – ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल – दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री को मिल चुका है इन देशों का सर्वोच्च सम्मान

पीएम मोदी को भूटान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान-ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो-2024 मिल चुका है. इसके अलावा, फिजी का सर्वोच्च नागरिक सम्मान-कम्पैनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी, मिस्र का सर्वोच्च नागरिक सम्मान-ऑर्डर ऑफ द नाइल, फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार-लीजन ऑफ ऑनर, ग्रीस का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार-ऑर्डर ऑफ ऑनर से सम्मानित हो चुके हैं.इसके अलावा पीएम मोदी को सऊदी अरब का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, फिलिस्तीन का सर्वोच्च सम्मान- किंग अब्दुल अजीज सैश, फिलिस्तीन का सर्वोच्च सम्मान- ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन, ‘स्टेट ऑर्डर ऑफ गाजी अमीर अमानुल्लाह खान, बहरीन की ओर से ‘किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं.

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