भारतराजनीति

ओम प्रकाश राजभर के बदले बोल , PM मोदी और सीएम योगी को लेकर दिया ये विवादित बयान

नई दिल्लीः घोसी लोकसभा सीट पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर की हार हुई है. वहीं बेटे की हार का ठीकरा ओम प्रकाश राजभर ने भारतीय जनता पार्टी पर फोड़ा है. सुभासपा के केंद्रीय कार्यालय रसड़ा पर एक समीक्षा बैठक के दौरान अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ओपी राजभर ने कहा कि आप लोग भी बोलना सीखिए, हमारी पार्टी ईमानदारी से जहां जो लड़ा उसको वोट किया गठबंधन के तमाम पार्टियों के नेता गठबंधन धर्म निभाना नहीं जानते. लेकिन हम लोगों ने ईमानदारी से गठबंधन का धर्म निभाया है. लेकिन जनता ने योगी और मोदी को नकार दिया है.

जनता ने योगी और मोदी को नकार दिया है

ओपी राजभर ने शुक्रवार को सुभासपा के केंद्रीय कार्यालय रसड़ा पर समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव के परिणाम पर चर्चा की। ओपी राजभर ने कहा कि गठबंधन के तमाम पार्टियों के नेता गठबंधन धर्म निभाना नहीं जानते, लेकिन हम लोगों ने ईमानदारी से गठबंधन का धर्म निभाया है। उन्होंने कहा कि जनता ने योगी और मोदी को नकार दिया है।

ऐसे लोगों को भी सबक सिखाने की जरूरत

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि ऐसे लोगों को भी सबक सिखाने की जरूरत है. आप बोलना सीखो तब इनको समझ में आएगा अब तो हम पूरी बगावत करेंगे देखिएगा आगे हम मंच से ही बता देंगे कि किसको वोट देना किसको नहीं देना है. ऐसे लोगों की भी हम दवाई करने जा रहे हैं जो मंच पर लच्छेदार भाषण देते थे और गाड़ी में बैठकर अपने लोगों से कहते थे की इधर नहीं उधर वोट देना. ऐसे लोगों को भी हम लोग चिन्हित कर लिए हैं. हम ऐसे लोगों को खोज भी रहे हैं चाहे वह हमारा प्रधान हो, चाहे जिला पंचायत हो, चाहे कोई हो, चाहे अधिकारी हो, ऐसे लोगों को भी हम चिन्हित कर लिए हैं और दवाई करने जा रहे हैं.

जब सैंया भए कोतवाल तो अब डर काहे का

सुभासपा के केंद्रीय कार्यालय रसड़ा पर एक समीक्षा बैठक के दौरान अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि ‘जब सैंया भए कोतवाल तो अब डर काहे का’ अब दिल खोल कर रहिये. कभी अपने मन में निराशा मत लाना आप काम करते जाइए हम सुबह उठकर जब महाराजा सुहेलदेव को याद करके कहते हैं कि माल आ जाए तो अपने आप माल आ जाता है. आप लोग भी ‌सुबह नहा धोकर महाराजा सुहेलदेव को याद करके माल मांगोगे तो मिल जाएगा और ‘मांगो उसी से जो दे दे खुशी से और कहे ना किसी से.

हमारा मतदाता इतना ईमानदार है

उन्होंने कहा कि इसलिए विरोधी को बता देना कि हमारा मतदाता इतना ईमानदार है कि हॉकी को छड़ी समझ करके 47 हजार वोट दिया है. वोट देने वालों का दोष नहीं है दोष हमारा और आपका है हम लोग कहीं ना कहीं समझने में और बताने में फेल हैं हम लोगों के मतदाता जो महिलाएं हैं हमारे बुजुर्ग पिता हैं वह अभी शिक्षित नहीं है. उनको छड़ी और हॉकी में अभी अंतर समझ में नहीं आता है और विरोधी भी हमसे चालक निकाला वह बताने लगा लेकिन हम लोग इस बात को नहीं बता पाए. सिंबल के सवाल पर अब बदलाव आने का समय आ गया है.

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