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लाइफस्टाइल

World Multiple Sclerosis Day 2024 : क्यों मनाते हैं विश्व मल्टीपल स्केलेरोसिस दिवस?,जानें इतिहास, विषय और महत्व

नई दिल्लीः मल्टीपल स्केलेरोसिस एक ऑटोइम्यून डिजीज है,जिसके बारे में जागरुकता बढ़ाने और इस बीमारी से पीड़ित लोगों को मदद करने के लिए हर साल 30 मई को विश्व मल्टीपल स्केलेरोसिस दिवस मनाया जाता है। ये बीमारी व्यक्ति के सेंट्रल नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है, जिसमें थकान, मांसपेशियों की कमजोरी, शरीर के अंग का सुन्न हो जाना, सिरदर्द के साथ-साथ संतुलन बनाने में भी कठिनाई होने लगती है। चलिए जानते हैं कि इस दिन की शुरुआत कैसे हुई और इसके इस साल की थीम क्या है।

क्या है मल्टीपल स्केलेरोसिस?

मल्टीपल स्केलेरोसिस दिमाग से जुड़ी एक प्रकार की समस्या है, जिसमें आपकी मेंटल हेल्थ पर असर पड़ता है। इस बीमारी से पीड़ित होने पर आपका इम्यून सिस्टम आपके खुद के टिशु और कोशिकाओं को नष्ट करना शुरु कर देता है। इस बीमारी से पीड़ित होने पर आपको कमजोरी, थकान होने के साथ ही मांसपेशियों में जकड़न भी हो सकती है। इसके अलावां आपको चलने-फिरने में कठिनाई और शरीर में ऐंठन महसूस हो सकती है।

विश्व मल्टीपल स्केलेरोसिस दिवस का इतिहास क्या है?

वर्ल्ड मल्टीपल स्केलेरोसिस डे की शुरुआत मल्टीपल स्केलेरोसिस इंटरनेशनल फेडरेशन (MSIF) ने साल 1967 में की थी। इस दौरान इसे राष्ट्रीय MS सोसायटी के के एक नेटवर्क के रूप में स्थापित किया गया था। लेकिन साल 2009 से, MSIF ने बीमारी के बारे में जागरुकता बढ़ाने और वैश्विक MS समुदाय के बीच एकजुटता को बढ़ावा देने के लिए 30 मई को विश्व मल्टीपल स्केलेरोसिस दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की।

विश्व मल्टीपल स्केलेरोसिस दिवस का महत्व क्या है?

विश्व मल्टीपल स्केलेरोसिस दिवस का महत्व यह है कि यह इस बीमारी के बारे में जागरुकता फैलाने के साथ-साथ पीड़ित लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में शिक्षित करने के लिए एक मंच के रूप में काम करता है। एमएस एक गंभीर बीमारी है और इससे जूझने वाले लोग खुद को बिल्कुल असहाय महसूस करने लगते हैं। ये बीमारी दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है, फिर भी इससे जूझने वाले लोगों के साथ भेदभाव किया जाता है। इसीलिए इस दिन को मनाने की शुरुआत की गई ताकि इससे पीड़ित लोगों के लिए समझ और समर्थन बढ़ाने में मदद की जा सके।

विश्व मल्टीपल स्केलेरोसिस दिवस की थीम

इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के लिए हर साल 30 मई को World Multiple Sclerosis Day मनाया जाता है। इस साल इसकी थीम है Multiple Schlerosis की जल्द से जल्द पहचान करना और इसका सही इलाज करना। इस कंडिशन को चार प्रकार में बांटा जा सकता है, जिसमें क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक Relapsing-remitting multiple sclerosis (RRMS) सबसे सामान्य है। मल्टीपल स्क्लेरोसिसके मरीजों में 85 प्रतिशत लोगों को RRMS है। आपको बता दें कि इसमें मल्टीपल स्क्लेरोसिसके नए या पुराने लक्षण फिर दे दिखाई देने शुरू हो जाते हैं। यह कुछ समय के लिए नियंत्रित रहते हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर से दिखने शुरू हो जाते हैं या और गंभीर हो जाते हैं।MS डायग्नोस कैंपेन के मुताबिक विश्व मल्टीपल स्केलेरोसिस दिवस साल 2024 की थीम है कि मल्टीपल स्केलेरोसिस के मरीजों में लक्षण दिखने पर समय से यह बीमारी डायग्नोस होनी चाहिए। बीमारी का पता जल्दी लगने से इसकी रोकथाम करने की कोशिश की जा सकती है।

एमएस के शुरुआती लक्षण

कुछ शुरुआती संकेत हैं जो बीमारी की उपस्थिति का संकेत दे सकते हैं। यहां मल्टीपल स्केलेरोसिस के सात शुरुआती लक्षण दिए गए हैं:

दृष्टि परिवर्तन

    यह एमएस के सबसे आम लक्षणों में से एक है। इसमें दोहरी दृष्टि, धुंधली दृष्टि, या एक आंख में दृष्टि की हानि शामिल हो सकती है। ये दृष्टि परिवर्तन तब होते हैं जब एमएस ऑप्टिक तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है।

    थकान

      एमएस से संबंधित थकान केवल थकान या ऊर्जा की कमी नहीं है; यह थकावट की अत्यधिक अनुभूति है जो दैनिक गतिविधियों को ख़राब कर सकती है। थकान मस्तिष्क में सूजन के कारण हो सकती है, जो शरीर के ऊर्जा स्तर को नियंत्रित करने वाले तंत्रिका संकेतों को बाधित करती है।

      स्तब्ध हो जाना और झुनझुनी होना

        ये संवेदनाएं आमतौर पर हाथों, पैरों, बाजुओं और टांगों में महसूस होती हैं। उनके साथ “पिन-और-सुई” की अनुभूति या बिजली के झटके की अनुभूति भी हो सकती है। यह तंत्रिकाओं की रक्षा करने वाले माइलिन आवरण को हुए नुकसान के कारण हो सकता है।

        मांसपेशियों में कमजोरी

          एमएस मांसपेशियों में कमजोरी या कठोरता का कारण बन सकता है, जिससे संतुलन बनाने या चलने में कठिनाई हो सकती है। मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में सूजन के कारण कमजोरी हो सकती है।

          संतुलन और समन्वय की समस्याएँ

            एमएस संतुलन और समन्वय को भी प्रभावित कर सकता है। इससे व्यक्ति लड़खड़ा सकता है या गिर सकता है, खासकर असमान सतहों पर चलते समय। संतुलन और समन्वय संबंधी समस्याएं तब उत्पन्न होती हैं जब एमएस सेरिबैलम को प्रभावित करता है, जो गति और संतुलन के समन्वय के लिए जिम्मेदार है।

            मूत्राशय और आंत्र संबंधी समस्याएं

              एमएस मूत्र संबंधी तात्कालिकता, बारंबारता और/या असंयम का कारण बन सकता है। यह आंत्र समारोह को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे कब्ज या दस्त हो सकता है।

                संज्ञानात्मक परिवर्तन

                एमएस स्मृति, ध्यान और सूचना प्रसंस्करण जैसी संज्ञानात्मक क्षमताओं को प्रभावित कर सकता है। इससे अवसाद, चिंता और अन्य मनोदशा संबंधी विकार भी हो सकते हैं।

                मल्टीपल स्क्लेरोसिस के लक्षण गंभीर करने वाले फैक्टर्स

                • ज्यादा तापमान या गर्मी के कारण
                • विटामिन डी की कमी की वजह से
                • तंबाकू के सेवन से
                • तनाव
                • यूरिनरी इन्फेक्शन या साइनस इन्फेक्शन जैसे मामूली संक्रमण के कारण

                कैसे कर सकते हैं इसे मैनेज?

                मल्टीपल स्क्लेरोसिस के लक्षणों को पूरी तरह रोकना मुमकिन नहीं है न ही इसका इलाज संभव है, लेकिन डॉक्टर और दवाइयों की मदद से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। साथ ही, स्ट्रेस मैनेज करके, कॉग्नीटिव हेल्थ का ध्यान रखकर, हेल्दी डाइट फॉलो करें, एक्सरसाइज करें और मेंटल हेल्थ का ख्याल रखने से इसके लक्षणों को मैनेज करने में और फ्लेयर अप्स को कम करने में काफी मदद मिलती है।

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