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विश्व

G20 Summit: G20 के मेहमानों को सोने-चांदी के बर्तनों में परोसा जाएगा खाना,दिखेगी भारत की झलक

नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली में G20 समिट के लिए ज़ोरोशोरों से तैयारियां चल रही हैं. इस दौरान इन बेहद खास मेहमानों की मेहमाननवाज़ी में कोई कमी ना रहे इसको ध्यान में रखते हुए सोने और चांदी (Gold and Silver) के बर्तन तैयार किए गए हैं. भारत के सांस्कृतिक बैकग्राउंड को दर्शाने के लिए इन बर्तनों पर बेहतरीन नक्काशी की गई है.

बता दें कि 8 से 10 सितंबर तक विदेशी मेहमानों के लिए प्रगति मैदान के भारत मंडपम में ही डिनर आयोजित होगा. आईआरआईएस प्रणाली के इन बर्तनों का डिजाइन राजीव पाबुवाल और लक्ष्य पाबुवाल ने तैयार किया है. इसकी थीम ‘फ्यूजन इलिगेंस’ है, जो कलात्मकता का संगम और भारत की विविधता में एकता की झांकी दर्शाती है. आईआरआईएस ने कहा है कि हम भारत की संस्कृति, कला और आतिथ्य की सहानुभूति को अपनाते हैं. विदेशी मेहमानों के रात के भोजन के लिए तैयार किए गए चांदी के इन बर्तनों पर फूलों के डिजाइन से लेकर अशोक चक्र चिन्हों को दर्शाया गया है. बर्तनों पर बनी डिजाइनों में अर्ध-मशीनीकृत हस्त शिल्प कला को भी दर्शाया गया है.

भारत को पहली बार G-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी मिली है और यह दिल्ली में 8 से 10 सितंबर तक चलेगा। ऐसे में सम्मेलन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और इसमें शामिल होने वाले खास मेहमानों को शाही ट्रीटमेंट दिया जाएगा। जहां एक तरफ खाने की विभिन्न वैरायटी होंगी, वहीं खाने को सोने-चांदी के बर्तनों में परोसा जाएगा। आइए जानते हैं कि इस सम्मेलन में विदेशी नेताओं की मेहमानवाजी कैसे होगी।

दिल्ली में जी-20 समिट की तैयारियां जोरों पर है. जी-20 समिट को लेकर इस समय पूरी दुनिया की नजरें भारत पर हैं. इसमें कई देश के प्रमुख शामिल होने वाले हैं. मेहमानों की आवभगत के लिए खास तैयारियां की गई हैं. इसमें मेहमानों के ठहरने के इंतजाम से लेकर तरह-तरह के व्यंजनों को परोसने तक हर चीज पर खास ध्यान दिया जा रहा है. भारतीय संस्कृति में अतिथि देवो भव: यानी महेमान देवता के समान माना गया है. भारत में मेहमाननवाजी को काफी महत्व दिया जाता है. ऐसे में भारत जी-20 समिट में शामिल होने वाले मेहमानों के आदर और सत्कार में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है.

इस सम्मेलन में दुनिया की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के शीर्ष नेता शामिल होंगे और उनके लिए भव्य दावत का इंतजाम किया गया है। इन खास मेहमानों को सोने-चांदी के बर्तनों में खाना परोसा जाएगा। इन बर्तनों को बनाने वाली कंपनी 11 होटल में बर्तन भेज रही हैस जिसमें होटल ताज भी शामिल है। बता दें कि अलग-अलग होटल के शेफ ने अपने मेन्यू तैयार किए हैं और उनके व्यंजनों के हिसाब से ही सोने-चांदी के बर्तन डिजाइन कराए गए हैं।

मेहमानों को जयपुर स्थित IRIS सिल्वरवेयर में बने चांदी और सोने के बर्तनों में खाना परोसा जाएगा जो देश के कल्चरल बैकग्राउंड को दर्शाएंगे, जैसे मोर की शेप में बने बर्तन, हमारे देश के राष्‍ट्रीय पक्षी को दर्शाएंगे.सोने-चांदी के बर्तनों को बनाने से पहले इनकी सामग्रियों को RND लैब में टेस्ट के लिए भेजा गया। इसके बाद जिस होटल को जिस आकार और साइज के बर्तनों की जरूरत थी, उन्हें वैसे ही बर्तन बनाकर भेजे गए। उदाहरण के लिए, ITC मौर्य होटल को महाराजाओं के जमाने जैसी थालियां चाहिए थीं, जिनमें 5-6 कटोरी, कांटा, चम्मच के अलावा पेपर और नमक के लिए अलग से हिस्से हों तो उन्हें वैसे ही बर्तन बनाकर दिए गए।

G-20 एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसके 20 सदस्य हैं। इसकी शुरुआत साल 1999 के एशियाई वित्तीय संकट के बाद हुई और इसे वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों के बीच वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों की चर्चा के लिए एक मंच के तौर पर शुरू किया गया था। इसके सदस्य देशों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका शामिल है।.खाना परोसने का ढंग भी बेहद खास होगा, ताकी इस मेहमाननावसी को कभी भुला न जाएं. तमाम खास मेहमानों को चांदी के बर्तनों में खाना परोसा जाएगा. अपने खाना परोसने के अंदाज में भी भारत अपनी संस्कृति और विरासत की झलक दिखाना चाहता है. इसलिए मेहमानों को चांदी के बने बर्तनों में खाना परोसा जाएगा.

बर्तन कंपनी के मालिक राजीव ने मीडिया को बताया कि वह 3 पीढ़ियों से बर्तन बना रहे हैं और उनके बर्तनों में पूरे भारत की विरासत की झलक दिखाई देती है तो उनकी कोशिश यही है कि विदेशी मेहमानों को भी दावत की टेबल पर भारत की झलक नजर आए। कंपनी के मुताबिक, बर्तनों में जयपुर, उदयपुर, बनारस और कर्नाटक तक की नक्काशी की गई है और इन्हें बनाने में कई दिन लगे।चांदी की ट्रे, सोने के गिलास और प्लेटो में मेहमानों को खाना परोसा जाएगा. सोने और चांदी के कटोरी चम्मच भी स्पेशल बनाए गए हैं. वहीं इंग्रेव्ड डिज़ाइन के गिलास भी काफी खूबसूरत हैं.एक-एक बर्तन को तैयार करने के लिए खास ध्यान दिया गया है. हर एक डिजाइन के पीछे अपनी एक अलग सोच है. जिसमें आपको भारतीयता की झलक दिखाई देगी. इनमें आपको भारत की विविधता की झलक दिखाई देगी. इन बर्तनों को बनाने के लिए 200 कारीगरों की मेहनत शामिल है. इन बर्तनों के बनाने के लिए अलग-अलग राज्यों जैसे कर्नाटक, बंगाल, उत्तर प्रदेश, जयुपर और उत्तराखंड के कारीगरों ने काम किया है.

खास तरह का डिनर सेट तैयार किया गया है. इसकी खास बात ये कि नमक वाले बर्तन यानी साल्ट ट्रे पर अशोक चक्र का चित्र बना हुआ है. डिनर सेट में चांदी के बर्तन के अलावा गोल्ड प्लेटेड कटोरी, नमक स्टैंड और चम्मच शामिल हैं. बता दें कटोरी, गिलास और प्लेट को रॉयल लुक दिया है. इसके साथ ही ट्रे और थालियों पर भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई देगी. इसके अलावा खाने वाली प्लेट पर हस्तशिल्प की खूबसूरत कला की झलक भी दिखेगी.पानी के जग भी चांदी के हैं. साथ ही बाकि बर्तनों जैसे केटल, सब्ज़ी परोसने के लिए कटोरियों को भी बड़ी खूबसूरती से डिज़ाइन किये गए हैं. इन स्पेशल कटलरी से विदेशी मेहमानों को हमारे देश के कल्चर के बारे में जानने का मौका मिलेगा.ये चांदी के बर्तन जयपुर की कंपनी IRIS ने तैयार किए हैं. कारीगरों ने इन बर्तनों को बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की है. इन बर्तनों के सेट को फ्यूजन एलिगेंस की थीम पर तैयार किया गया है

आईआरआईएस मेटल वेयर कंपनी का कहना है कि इस डिनर सेट तैयार करने के लिए कंपनी ने कर्नाटक, बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड के 200 कारीगरों को लगाया गया था. आईआरआईएस के प्रबंध निदेश राजीव पाबुवाल के मुताबिक एक-एक बर्तन को तैयार करन में भारतीय संस्कृति का विशेष ख्याल रखा गया है. हर डिजाइन के पीछे एक सोच है. इन बर्तनों में भारत की विविधता की झलक आपको नजर आएगी. हमने इस पूरे डिनर सेट को फ्यूजन एलिगेंस नाम दिया है.चांदी के बर्तन में खाना परोसना शुभ माना जाता है. खासकर भारतीय संस्कृति में व्रत-त्योहार हों या शादी सभी शुभ कामों में चांदी का इस्तेमाल होता है. इसके साथ ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी चांदी का विशेष महत्व है. चांदी के बर्तन में खाना खाने से आदमी निरोगी रहता है. वहीं, ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि चांदी के बर्तन में खाना खाने से चंद्रमा और शुक्र मजबूत रहते हैं.

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