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चीन-ताइवान में रस्साकसी,चीन और ताइवान के बीच का तनाव चरम पर पहुंचा

नई दिल्ली – अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की यात्रा के एक दिन बाद गुरुवार को ताइवान सीमा के पास चीन ने युद्धाभ्यास शुरू किया। चीनी सेना के मुताबिक इस दौरान लक्ष्यों पर सटीक हमले किए गए। 100 से अधिक लड़ाकू विमानों ने ताइवान के उत्तरी, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी वायुक्षेत्र में उड़ान भरी।

ताइवान और संबंधित क्षेत्रों पर नजर रखने वाली पीएलए की पूर्वी थिएटर कमान ने लगभग एक बजे यह संयुक्त युद्धाभ्यास शुरू किया, जो रविवार तक चलेगा। यह युद्धाभ्यास नाकेबंदी, समुद्री तथा जमीनी लक्ष्यों पर हमले और वायुक्षेत्र के नियंत्रण पर केंद्रित है। इसी के मद्देनजर ताइवान के पूर्वी हिस्सों में निर्धारित स्थानों पर बमबारी भी की गई।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को नोम पेन्ह में आसियान सम्मेलन से इतर अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस दौरान चीन-ताइवान में बढ़ते तनाव को लेकर भी वार्ता हुई। जयशंकर ने ट्वीट किया, अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ भारत-अमेरिका संबंधों और वैश्विक स्थिति पर चर्चा की। ब्लिंकन ने कहा कि दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आसियान की केंद्रीय भूमिका के प्रबल समर्थक हैं।

चीन की सेना के युद्धाभ्यास को लेकर जापान ने कड़ी चेतावनी दी है। जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी ने कहा कि चीन अपना युद्धाभ्यास तुरंत बंद करे। जापान ने चीन की कुछ मिसाइलें उसके क्षेत्र में गिरने का दावा किया है।

मिसाइल दागे जाने के बाद ताइवान ने कम से कम 40 उड़ानें रद्द कर दीं । हालांकि, राजधानी ताइपे के ताओयुयान हवाई अड्डे के हवाले से कहा गया कि यह जरूरी नहीं है कि उड़ानों को रद्द करने का संबंध सैन्य अभ्यास से है। इस बीच, मालवाहक जहाजों के परिवहन पर संभावित प्रभाव का संकेत नहीं मिला है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका लग सकता है। उधर, चीन ने भी विमानों को सैन्य अभ्यास के दौरान सेवाएं संचालित करने से बचने का आदेश दिया है।

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