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Birbhum violence : जिंदा जले 8 लोग, दहशत में पलायन कर रहे लोग

बीरभूम – पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के नेता भादू शेख की हत्या के बाद आगजनी में लगभग 8 लोग जिंदा जल गए. अब इस घटना के बाद बागुटी गांव में दहशत का आलम यह कि पीड़ित परिवार अपने घरों को छोड़कर पलायन कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आगजनी में मृतकों के परिजनों का कहना है कि हम यहां डर के साए में नहीं जी सकते.

हमने अपने परिवार के लोगों को खो दिया है. अब हम अपने परिवार के साथ बाहर जा रहे हैं. वहीं इस अग्निकांड की राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने तीन दिनों के भीतर पश्चिम बंगाल पुलिस से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है.गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने ममता सरकार से तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट तलब की है, जिसमें पूरे कांड पर पश्चिम बंगाल सरकार ने क्या कदम उठाए, उस बारे में जानकारी दी जाए.

इस बीच स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भादू शेख की हत्या के बाद आगजनी, और भीड़ के तांडव ने जो मौत का खेल खेला, उससे लोग काफी डरे हुए हैं. बागुटी गांव के लोग पलायन कर रहे हैं, ताकि वो अपनी जान बचा सकें. ग्रामीण इस आशंका से दहशत में हैं कि दोबारा ऐसी घटना होने पर वो जिंदा रह भी पाएंगे या नहीं. इस बीच सोशल मीडिया पर विपक्षी पार्टियों से जुड़े लोगों ने ममता सरकार से इस्तीफे की मांग की है, तो गृह मंत्रालय से राष्ट्रपति शासन लगवाने की भी मांग की. लोगों का कहना है कि ममता बनर्जी की सरकार में बर्बर सामूहिक हत्याकांड हो रहे हैं, जिसे रोकने में ममता बनर्जी सरकार पूरी तरह से फेल रही है.

इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफा मांगा है और केंद्रीय एजेंसियों से इसकी जांच की मांग की है. इस बीच, पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) मनोज मालवीय ने बताया कि मामले में अब तक 11 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं. जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है.

क्या था पूरा मामला –
दरअसल पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय नेता की कर दी गई थी. इस हत्या के कुछ देर बाद ही रामपुरहाट के करीब बागुटी गांव में दर्जनभर झोपड़ियों को आग लगा दी गई. इसमें दो बच्चों और तीन महिलाओं समेत आठ लोगों की जलने से मौत हो गई. इस घटना के बाद भाजपा ने सीएम ममता को इस्तीफा देने और राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है. वहीं डीजीपी मनोज मालवीय के अनुसार अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एडीजी (CID) ज्ञानवंत सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस घटना में जीवित बचने वालों में से एक ने बताया कि हम सो रहे थे और अचानक धमाकों की आवाज सुनी. इसके बाद हमारे घरों में आग लगा दी गई.

डीजीपी मनोज मालवीय ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है और गांव में एक पुलिस पिकेट स्थापित की गयी है. हम जांच कर रहे हैं. विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की. उन्होंने टीएमसी पर अपने ही लोगों की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रपति शासन लगाना ही राज्य की रक्षा का एकमात्र तरीका है.

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