Big news App
भारतविश्व

रोमानिया और स्लोवाक के प्रधानमंत्री से PM मोदी ने की बात

नई दिल्ली – यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के कारण दुनिया भर में काफी तनाव चल रहा है. इस जंग में दुनिया के तमाम देश अपना-अपना मत सामने रख रहे हैं और वहीं अमेरिका, ब्रिटेन, पोलेंड, जर्मनी जैसे देश यूक्रेन को हथियार मुहैया करा रहे हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध से काफी सारे लोग दहशत में हैं और यूक्रेन छोड़कर अपने-अपने देश जाना चाहते हैं. ऐसे में एक ओर गोलीबारी हो रही है, तो दूसरी कड़ाके ठंड पड़ रही है. जिस कारण कई लोग बंकर में छिपने के लिए मजबूर हो गए हैं.

यूक्रेन से 16 हजार भारतीयों को वापस लाने के लिए ‘ऑपरेशन गंगा’ चलाया गया है और इसके तहत भारतीयों को भारत लाने की शुरुआत हो चुकी है. 16 हजार भारतीयों में से करीब 14 हजार स्टूडेंट हैं. उन्हें रोमानिया और पोलैंड के रास्ते भारत लाया जा रहा है. यूक्रेन में भारतीय छात्र भी फंसे हुए हैं जिन्हें निकालने के लिए केंद्र सरकार ने ऑपरेशन गंगा शुरू किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन में फंसे छात्रों को निकालने के अभियान को लेकर हाई लेवल मीटिंग की थी और चार मंत्रियों को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में भेजने का निर्णय लिया गया. अब पीएम मोदी ने इसे लेकर रोमानिया और स्लोवाक रिपब्लिक के प्रधानमंत्रियों से फोन पर बात की है.

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने रोमानिया के प्रधानमंत्री निकोलाई सिउका से सोमवार को फोन पर बात की है. पीएम मोदी ने रोमानिया के प्रधानमंत्री से यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकालने को लेकर चर्चा की और सहयोग की सराहना भी की. पीएम मोदी ने कहा कि भारत, भारतीय छात्रों को बगैर वीजा के प्रवेश और स्पेशल फ्लाइट्स को अनुमति देने के कदम के लिए रोमानिया की सराहना करता है.

पीएम मोदी ने स्लोवाक गणराज्य के पीएम एडवर्ड हेगर से भी फोन पर बात की और यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने में उनके देश की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. पीएम मोदी ने स्लोवाक पीएम से अगले कुछ दिनों तक यूक्रेन से निकालने में सहयोग जारी रखने की अपील की. पीएम मोदी ने स्लोवाक प्रधानमंत्री को यूक्रेन से भारतीयों को निकालने के प्रयास की निगरानी के लिए अपने विशेष दूत के रूप में किरण रिजिजू की तैनाती की भी जानकारी दी.

पीएम मोदी ने यूक्रेन के हालात और मानवीय संकट को लेकर दुख व्यक्त किया और कहा कि भारत शत्रुता समाप्त करने और बातचीत की अपील लगातार करता रहा है. उन्होंने स्लोवाक पीएम से बातचीत में राष्ट्रों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने के महत्व पर भी जोर दिया.

download bignews app
Follow us on google news
Follow us on google news

Related Articles

Back to top button