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जानिए X, Y और Z सिक्योरिटी सुरक्षा के बारे में, किनको मिलती है ये सुरक्षा

नई दिल्ली – भारत में किस तरह की एलीट सुरक्षा सरकार द्वारा प्रदान की जाती है. ये सुरक्षा किस तरह की होती हैं. पूर्व प्रधानमंत्रियों, देश के खास मंत्रियों को आमतौर पर जेड प्लस सुरक्षा दी जाती है. इसमें सुरक्षा का मजबूत घेरा उपलब्ध कराया जाता है. ये देश की एसपीजी के बाद दूसरी सबसे खास सुरक्षा है. किसे जेड प्लस सुरक्षा देना है, इसका फैसला केंद्र सरकार करती है. खुफिया विभागों द्वारा हासिल सूचना के आधार पर जेड प्लस और अन्य तरह की सुरक्षा वीआईपी लोगों को दी जाती है.

सुरक्षा व्यवस्था को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है. जेड प्लस (Z+), (उच्चतम स्तर); जेड (Z), वाई (Y) और एक्स (X) श्रेणी. सरकार इस बात का निर्णय ले सकती है कि इन चार श्रेणियों में किसे कौन से स्तर की सुरक्षा देनी है. सरकार खतरे के आधार पर यह वीआईपी सुरक्षा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक, पार्षद, नौकरशाह, पूर्व नौकरशाह, जज, पूर्व जज, बिजनेसमैन, क्रिकेटर, फिल्मी कलाकार, साधु-संत या आम नागरिक किसी को भी दे सकती है.

X श्रेणी की सुरक्षा
इस श्रेणी में दो सुरक्षा गार्ड तैनात होते हैं. जिसमें एक पीएसओ (व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी) होता है. देश में काफी लोगों को एक्स श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है. इस सुरक्षा में कोई कमांडो शामिल नहीं होता.

Y श्रेणी की सुरक्षा
यह सुरक्षा का तीसरा स्तर होता है. कम खतरे वाले लोगों को यह सुरक्षा दी जाती है. इसमें वाई प्लस सुरक्षा में 11 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं. जिसमें दो कमांडो तैनात होते हैं शेष पुलिसकर्मी. जबकि वाई सुरक्षा कैटेगरी में 04-08 से सुरक्षाकर्मी 01-02 कमांडो के साथ मिलते हैं. विश्वास को 04 सीआरपीएफ सुरक्षाकर्मियों का कवर मिला है. कुछ समय पहले बालीवुड अभिनेत्री कंगना रानौत को वाई प्लस सेक्युरिटी दी गई थी.

Z सुरक्षा
Z Security में 22 सुरक्षाकर्मी होते है. इसमें पांच एनएसजी कमांडो हर समय मौजूद रहते हैं। इसमें आईटीबीपी ( Indo- Tibetan Border Police) और सीआरपीएफ (CRPF) के अधिकारी सुरक्षा में लगाये जाते है.इस Security में भी Escorts और पायलट वाहन दिए जाते हैं. साथ ही दिल्ली पुलिस या स्थानीय पुलिस के सुरक्षाकर्मी भी होते हैं.

Z +सुरक्षा
जेड प्लस सुरक्षा देस की दूसरी बड़ी सुरक्षा है. इसमें 36 सुरक्षाकर्मी होते है. इनमें 10 एनएसजी (National Security Guards) और SPG (Special Protection Group) कमांडो होते हैं ,साथ ही कुछ पुलिस भी शामिल होती है. इसमें इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (Indo- Tibetan Border Police) और सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) के जवान भी सुरक्षा में तैनात होते हैं. इस सुरक्षा में पहले घेरे की ज़िम्मेदारी एनएसजी की होती है जबकि दूसरी परत एसपीजी कमांडो की होती है. साथ ही Z+ सुरक्षा में एस्कॉर्ट्स और पायलट वाहन भी दिए जाते हैं.

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