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इंटरनेट पर दोस्त बनीं लड़कियां और फिर आपस में कर ली शादी

मुंबई – वैसे तो भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्ते काफी ठीक नहीं रहते हैं. लेकिन इस तनातनी के बीच भी इन दोनों देशों के बीच एक और रिश्ता है. यह रिश्ता कायम किया हुआ है एक लेस्बियन कपल (Lesbian Couple) ने. इस रिश्ते में ना धर्म बीच में आया, ना कोई जेंडर, ना ही कोई बॉर्डर की सरहदें. इस खूबसूरत कपल का नाम है सूफी मलिक (Sufi Malik) और अंजली चक्र (Anjali Chakra).

सूफी मलिक और अंजलि चक्र की मुलाकात में कैलिफोर्निया में टम्बलर (Tumblr) पर हुई थी. चक्र एक इवेंट प्लानर हैं, और मलिक एक आर्टिस्ट हैं. कपल बनने से 7 साल पहले दोनों ऑनलाइन जुड़े थे. कपल का कहना है कि इनकी दोस्ती टम्बलर पर एक-दूसरे के ब्लॉग को फॉलो करने से शुरू हुई थी और फिर वे एक दूसरे के साथ इंस्टाग्राम पर जुड़े.

चक्र का कहना है कि उन्होंने एक दिन सूफी से पूछा कि क्या हम एक दक्षिण एशियाई महिला के रूप में उनके अनुभव के बारे में बात कर सकते हैं, और वह सहमत हो गईं. यह जोड़ी जुलाई 2018 से साथ है. यह जोड़ी 2019 में तब वायरल हुई जब उन्होंने एक ब्रांड के फोटो शूट में हिस्सा लिया. यह शूटिंग बॉरो द बाजार नाम के एक ब्रांड के लिए थी, जो खास मौकों के लिए लोगों को दक्षिण एशियाई कपड़े किराए पर देता था.

चक्र और सूफी अपने वीकेंड पर शादियों में शामिल होने गए थे. वहां उन्होंने शादी में पहनने के लिए फ्री कपड़ों के बदले में ब्रांड के साथ एक फोटो शूट किया. उनके फोटोग्राफर सरोवर अहमद ने ‘अ न्यू यॉर्क लव स्टोरी’ कैप्शन के साथ शूट की तस्वीरें ट्वीट कीं और उन्हें 50,000 से अधिक लाइक्स मिले. मलिक और चक्र ने एक हफ्ते बाद अपनी और फोटोज पोस्ट कीं, जो वायरल भी हुईं. तस्वीरें ट्विटर से इतनी वायरल हुईं कि उन्होंने भारत, पाकिस्तान और यूके में कुछ दिनों के भीतर समाचार वेबसाइटों, पत्रों और टीवी को हिट कर दिया. लोगों को ये लेस्बियन जोड़ी काफी पसंद आने लगी और वे दक्षिण एशिया के कपल के नाम से मशहूर हो गईं.

यह कपल दो अलग-अलग धर्मों का जोड़ा है. मलिक मुस्लिम-पाकिस्तानी है, जबकि चक्र हिंदू-भारतीय हैं. उनका कहना है कि मीडिया ने हमारे रिश्ते के उन पहलुओं पर बहुत ध्यान दिया, जब उन्होंने हमारी कहानी को कवर किया, जो कि काफी दिलचस्प था क्योंकि उनके मतभेद वास्तव में कभी कुछ नहीं थे.

यह कपल एक दूसरे को अपनी संस्कृतियों के बारे में सिखाते हैं. उनका मानना है कि दोनों में बहुत समानताएं हैं, क्योंकि हमारे देश कभी एक थे, लेकिन तलाशने के लिए बहुत सारे मतभेद भी हैं. वे एक साथ खाना बनाते हैं और प्रत्येक देश के विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के बारे में बात करते हैं. उन्होंने कहा, ‘हम एक दूसरे के साथ संगीत साझा करते हैं, और सूफी धीरे-धीरे उर्दू सिखा रही हैं. हमारी संस्कृतियों में उन चीजों की तुलना में बहुत कुछ है, लेकिन वे हर दिन आदान-प्रदान करने में सबसे आसान हैं.’

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