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Murder at Teesri Manzil 302 Review : इरफान खान की आखिरी फिल्म रिलीज, फैंस है तो एक बार जरूर देखें

मुंबई – दिवंगत अभिनेता इरफान खान (Irrfan Khan) की फिल्म 14 साल बाद ‘मर्डर एट तीसरी मंजिल 302’ (Murder at teesri manzil 302) जी5 पर रिलीज हो गई है. 20 महीने बाद स्क्रीन पर इरफान खान को देखना दर्शकों को सुकुन दिलाएगा. इस फिल्म का निर्देशन नवनीत बाज सैनी ने किया है. इस थ्रिलर फिल्म की कहानी एक बिजनेममैन की है जिसकी पत्नी लापता हो जाती है. फिल्म में बिजनेसमैन का किरदार रणवीर शौरी (Ranvir Shorey) ने निभाया है. अभिषेक (रणवीर शौरी) की पत्नी को ढूंढने की जिम्मेदारी तेजिंदर सिंह (लकी अली) के जिम्मे जांच सौपी जाती है.

रिव्यू –
इस क्राइम थ्रिलर फिल्म में कई टिस्ट और टर्न है जिससे दर्शक अनुमान लगाते हैं कि माया का अपहरण किया गया है या उसकी हत्या हुई है या फिर कोई बड़ी साजिश का हिस्सा है. फिल्म में इरफान शेखर उर्फ चांद का किरदार निभा रहे हैं, जो इस साजिश से कही न कही जुड़े हुए है. इस फिल्म में पटकथा कमजोर है लेकिन फिर भी दर्शकों को बांधे रखती हैं. फिल्म परत दर परत खुलती है. पटकथा में किरदारों को अच्छी तरह से नहीं लिखा गया है. इसके अलावा फिल्म में पुलिस वाले द्वारा किए गए मजाक बेमाइनी से लगते हैं और स्क्रीन पर निराशा जताते हैं.

फिल्म में इरफान खान के वन लाइनर आपको अच्छे लगेगे. उन्होंने अपने किरदार को बखूबी दिखाया है. हालांकि इरफान के साथ दीपल का रोमांस इतना प्रभावी नहीं लगता है. दीपल के किरदार को लिखते समय ही कई खमियां हैं. कई बार उनकी एक्टिंग ओवर लगती हैं. लकी अली न तो फनी लगते हैं और न ही पुलिसवाले लगते हैं.

रवि वालिया ने थाईलैंड के लोकेशंस को कवर करने वाली सिनेमेटोग्राफी बहुत खूबसूरत है. फिल्म के गाने आपको याद नहीं रहेंगे. ये 126 मिनट की फिल्म है जिसे बेवजह का खींचा नहीं गया है. ‘मर्डर एट तीसरी मंजिल 302’ आपको इरफान खान की यादों में गोते खाने को मजबूर करती हैं लेकिन ये ऐसी फिल्म नहीं है जिसे आप याद रखना चाहेंगे. आप इसकी जगह ‘द लंचबॉक्स’, ‘पीकू’, ‘मकबूल’ जैसी फिल्में देख सकते हैं.

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