बिजनेस

घर की खाली पड़ी छत से अब करें लाखों की कमाई

नई दिल्ली – दुनिया भर में सोलर पावर को लेकर आकर्षण बढ़ा है. सरकार भी इसे बढ़ावा दे रही है. ऐसे में अगर अपनी बिल्डिंग की छत पर सोलर प्लांट लगाना चाहते हैं तो यह न केवल आपका बिजली का बिल बचा सकता है, बल्कि आप सोलर बिजनेस भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको अपने एरिया की डिस्कॉम से संपर्क करना होगा, जो आपके घर पर एक मीटर लगा देगी, जिससे यह पता चलेगा कि आपने डिस्कॉम को कितनी बिजली बेची.

– कमाई के रेट हर राज्य की सोलर पॉलिसी के आधार पर तय हैं. जैसे कि, दिल्ली में प्रति यूनिट 5.30 रुपए के आधार पर डिस्कॉम पैमेंट करती है. सोलर प्लांट के लिए आपको केवल 70 से 80 हजार रुपए प्रति किलोवाट के हिसाब से इन्वेस्टमेंट करना होगा और जिसके जरिए आप 25 साल तक रिटर्न ले सकते हैं. इंडस्ट्री मानकों के अनुसार एक प्लांट अधिकतम 25 साल तक काम कर सकता है.

– साथ ही टैरेस फार्मिंग इंडिया में लगातार पॉपुलर हो रही है. इसके लिए बिल्डिंग की छत पर ग्रीन हाउस बनाना होगा. जहां, पॉलीबैग में सब्जियों के पौधे लगाए जा सकते हैं और ड्रिप सिस्टम से निरंतर सिंचाई की जा सकती है. तापमान और मॉयश्चर को कंट्रोल करने के लिए इक्विपमेंट लगाने होंगे. पॉलीबैग में मिट्टी व कोकोपीट भरने होंगे. इसके लिए जैविक खाद का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. पौधों में मच्छर या अन्य बीमारियां होने पर कीटनाशक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. जहां तक मार्केटिंग की बात है तो एक बार लोगों को आपके बारे में पता चलेगा तो लोग खुद ही सब्जियां खरीदने आपके पास पहुंचने लगेंगे. या आप उनके घरों तक भेजने के लिए डिलीवरी ब्वॉय भी रख सकते हैं.

– अगर आपकी बिल्डिंग की छत खाली है तो आप उसे मोबाइल कंपनियों को किराए पर दे सकते हैं. कंपनियां यहां मोबाइल टावर लगाकर एक आकर्षक रकम हर महीना आपको दे देंगी. हालांकि, इसके लिए आपको न केवल आसपड़ोस के लोगों से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना होगा, बल्कि आपको स्थानीय नगर निगम से भी इजाजत लेनी होगी. कॉल ड्रॉप की बढ़ती समस्या को देखते हुए सरकार टावर लगाने के नियमों को सरल किए हैं, जिससे आपके पास मौके और बढ़ गए हैं.

– अगर आपकी बिल्डिंग ऐसी लोकेशन पर है, जो दूर से आसानी से दिखती हो या किसी मेन रोड के साथ लगती है तो आप अपनी छत पर होर्डिंग्स लगवा कर अच्छी खासी रकम पा सकते हैं. हर शहर में ऐसी एडवरटाइजिंग एजेंसी हैं, जो आउटडोर एडवरटाइजिंग का काम करती हैं. आप इस एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं, जो हर तरह की क्लीयरेंस लेकर आपकी छत पर होर्डिंग लगाएगी. हालांकि, आपको सचेत रहना होगा कि होर्डिंग लगाने से पहले एजेंसी के पास क्लीयरेंस हैं या नहीं, वरना आप के खिलाफ सरकारी कार्रवाई हो सकती है. होर्डिंग का किराया प्रॉपर्टी की लोकेशन के आधार पर तय होता है.
– दिलचस्‍प यह है कि इनमें से कुछ बिजनेस के लिए बैंक भी लोन देते हैं. मार्केट में ऐसी एजेंसियां भी हैं, जो आपकी छत की पहचान कर आपको बिजनेस ऑफर करती हैं. ये लोन आपको सोलर इंडस्ट्री से लेकर टेलिकॉम इंडस्ट्री, एग्रीकल्चर इंडस्ट्री, रियल एस्टेट इंडस्ट्री के लिए मिल सकते हैं.

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