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अमेरिका ने पाकिस्तान और चीन को ‘विशेष चिंता वाले देश  की सूची में डाला, जिससे भड़क गए पाक और चीन 

नई दिल्ली – अमेरिका ने धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान और चीन को ‘विशेष चिंता वाले देश’ की सूची में डाल दिया है. जिसपर इन दोनों ही देशों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है. पाकिस्तान ने इसे ‘मनमाना और चुनिंदा आकलन’ बताते हुए खारिज किया और कहा कि यह पूरी तरह से जमीनी हकीकत से परे है और इस कवायद की विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह पैदा करता है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार अहमद (Asim Iftikhar Ahmad) ने कहा कि पाकिस्तान को ‘विशेष चिंता वाला देश’ घोषित करना ‘पूरी तरह से जमीनी हकीकत से परे है और इस कवायद की विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह उत्पन्न करता है.’

अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के साथ ही चीन को भी धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए ‘चिंता वाले देशों की श्रेणी’ में रखे जाने को लेकर गुरुवार को चीन ने उसकी आलोचना की और वॉशिंगटन पर आरोप लगाया कि वह दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए प्राय: धार्मिक मुद्दों का उपयोग करता है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने मीडिया से कहा कि चीन निराधार आरोपों का जोरदार विरोध करता है क्योंकि इससे देश की धार्मिक स्वतंत्रता को बदनाम किया जा रहा है (US Religious Freedom Designations). अमेरिकी आरोपों के बारे में पूछने पर झाओ ने कहा, ‘चीन की सरकार कानून के मुताबिक नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करती है.’

‘इस प्रकार नामकरण करने से दुनियाभर में धार्मिक स्वतंत्रता को बढ़ावा नहीं मिलता है.’ बता दें पाकिस्तान और चीन के अलावा ईरान, उत्तर कोरिया और म्यांमार सहित कई राष्ट्रों को ‘विशेष चिंता वाला देश’ बताया गया है (US Special Watch List). अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, ‘मैं बर्मा (म्यांमार), पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (चीन), इरीट्रिया, ईरान, डीपीआरके (कोरिया), पाकिस्तान, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ संस्थागत हिंसा और गंभीर उल्लंघन में शामिल होने या बर्दाश्त करने के लिए ‘विशेष चिंता वाले देश’ घोषित करता हूं.’

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