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‘इस’ टेलीफोन कंपनी ने चार साल के स्पेक्ट्रम पेमेंट पर मोरेटोरियम को किया मंजूर

मुंबई – देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया के स्पेक्ट्रम पेमेंट पर मोरेटोरियम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कर्ज के संकट से जूझ रही वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (VIL) केंद्र सरकार के 4 साल के स्पेक्ट्रम मोरेटोरियम को स्वीकार कर लिया है। वोडाफोन आइडिया ने स्पेक्ट्रम की पेमेंट पर चार वर्ष के मोराटोरियम को स्वीकार करने की सरकार को जानकारी दी है।

केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए टेलीकॉम राहत पैकेज के तहत वह पहली टेलिकॉम कंपनी बन गई है, जिसने टेलीकॉम रिलीफ पैकेज के तहत पेमेंट टालने के ऑप्शन को मंजूर कर लिया है। वह आगे की तारीख पर इस फैसले की पुष्टि करेगी, कि क्या वह एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) पेमेंट पर मोरेटोरियम के विकल्प को चुन रही है या नहीं। इसके साथ वह बाद में बताएगी कि कंपनी टाले गए भुगतान पर ब्याज को इक्विटी में बदलने के ऑप्शन को चुनती है या नहीं। टेलीकॉम कंपनी के पास एजीआर पेमेंट मोरेटोरियम को कन्फर्म करने के लिए 29 अक्टूबर तक का समय मौजूद है। दोपहर के कारोबार में, टेलीकॉम कंपनी के शेयर बीएसई पर 4.4 फीसदी के उछाल के साथ 10.44 रुपये पर है।

नकदी के संकट से जूझ रही vodafone-idea ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए 4 साल के स्पेक्ट्रम मोरेटोरियम ऑफर को स्वीकार कर लिया है। टेलीकॉम कंपनी ने बैंक गारंटी के स्टेटस के बारे में बताते हुए कहा की वह एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) की पेमेंट पर मोराटोरियम और टाली गई पेमेंट को इक्विटी में तब्दील करने के विकल्प को चुनने पर अपने फैसले की जानकारी बाद में देगी।

Vi का फैसला सरकार द्वारा सितंबर के मध्य में एलान किए गए पैकेज के बाद आया है। इसमें एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) और स्पेक्ट्रम पेमेंट्स पर चार साल का मेरोटोरियम, घटी BGs और टाली गई पेमेंट्स पर ब्याज को सरकारी इक्विटी में बदलने का विकल्प शामिल है। इस पैकेज से काफी बदलाव आया है. इससे Vi की तुरंत कैश फ्लो के दबाव को कम किया है। इसके साथ अगर टेलीकॉम कंपनी दोनों AGR और स्पेक्ट्रम बकाया पर मोरेटोरियम को चुनती है, तो उसकी सालाना कैश फ्लो में करीब 25,000 करोड़ रुपये की बचत होगी। टेलीकॉम कंपनियों के पास इक्विटी में बदलने के विकल्प का इस्तेमाल करने के लिए 90 दिन का समय है। चार साल के पेमेंट पर मोरेटोरियम से सुनिश्चित होगा कि घाटे में चल रही टेलीकॉम कंपनी बची रहती है

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