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चन्नी और सिद्धू : क्यों चन्नी ने कह दी मुख्यमंत्री पद छोड़ने की बात- जाने

पंजाब – पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की विदायगी के बाद भी कांग्रेस की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। CM बनने के लिए छटपटा रहे नवजोत सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी के बीच की बैठक में बड़ी बात सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो रविवार को बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान उनमे में नोकझोंक हुई। इस बैठक के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि CM चन्नी ने सिद्धू को दो टूक कह दिया कि वह सीएम बन जाएं और दो महीने में परफॉर्म कर दिखाएं। सिद्धू का रवैया देखकर सीएम चन्नी ने मुख्यमंत्री पद तक छोड़ने की बात कह दी। सिद्धू ने CM से पूछा कि वह उन वादों को क्यों पूरा नहीं कर रहे, जिनके लिए पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर उन्हें CM बनाया गया।चरणजीत चन्नी कहा कि मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहता हूं और नवजोत सिद्धू CM बन जाएं तथा 2 महीने में परफॉर्म कर के दिखा दें।

नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा कुछ मुद्दों को लेकर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखी गई चिट्ठी सार्वजनिक करने के एक दिन बाद सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा कि सभी मुद्दे सुलझा लिए जाएंगे। सिद्धू द्वारा सोनिया गांधी को लिखी गई चिट्ठी के बारे में पूछे जाने पर चन्नी ने पत्रकारों से कहा, ‘चाहे 13 सूत्री हो, 18 सूत्री हो, 21 सूत्री हो या 24 सूत्री हो, जो भी एजेंडा होगा उसे लागू किया जाएगा। कोई भी बिंदु छूटेगा नहीं। यदि आपको लगता है कि सिद्धू और मेरे बीच कोई मतभेद है तो मैं अगली सुबह ही उनसे मुलाकात करूंगा।’

नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे 13 सूत्रीय एजेंडे का मुद्दा उठाया। सिद्धू ने CM चरणजीत सिंह चन्नी से पूछा कि वह उन वादों को क्यों पूरा नहीं कर रहे। इसके बाद दोनों नेताओं में काफी देर तक बातचीत हुई और मामला इतना बढ़ गया कि बात नोंकझोंक तक पहुंच गई।

कांग्रेस सिद्धू के सहारे अगले पंजाब चुनाव में जीत तय मान रही थी। इसके लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह को कुर्सी से तक हटा दिया। अब चर्चा है कि सिद्धू ने हाईकमान की भी चिंता बढ़ा रखी है। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने CM चन्नी को कहा है कि सिद्धू को कोई ऐसा मुद्दा न दें, जिससे पार्टी की छवि खराब हो। करीब 20 दिन से सिद्धू को मनाने की कोशिशें हो रही हैं। पंजाब चुनाव की घोषणा में अब करीब 2 महीने ही बचे हैं, ऐसे में राज्य में कांग्रेस का प्रधान बदलना भी संभव नहीं। वहीं, सिद्धू संगठन भी नहीं बना रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस हाईकमान के लिए बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

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