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कोरोना से ठीक हुए लोगों में अब फैल रहा ‘ये’ इन्फेक्शन

नई दिल्ली – कोरोना से पीड़ित लोगों में अभी तक ब्लैक फंगस, वाइट फंगस जैसे कुछ फंगल इन्फेक्शन के डर से अभी तक उभरे भी नहीं है की एक और खतरा मंडराता हुआ नजर आ रहा है। अब एक नई तरह का इन्फेक्शन सामने आया है। यह फंगल इन्फेक्शन रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है।

ब्लैक फंगस (म्यूकोर्मिकोसिस के रूप में जाना जाता है) के बाद भारत में COVID19 बरामद मरीजों के जीवन को खतरा था, अब बरामद लोगों में एक नए पोस्ट COVID19 ​​​​लक्षण की खबरें सामने आ रही है। इस नए लक्षण के मामले की खबर महाराष्ट्र के पुणे से COVID से ठीक हुए रोगियों में एक फंगल संक्रमण की सूचना दी जा रही है और यह व्यक्ति के स्पाइनल-डिस्क स्थानों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे हड्डी को गंभीर नुकसान होता है। अब तक महाराष्ट्र के पुणे में पिछले 3 महीनों में इसके 4 मरीज मिल चुके है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद इस तरह के मामले पहली बार सामने आए है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक संक्रमण सबसे पहले एक 66 वर्षीय रोगी में दर्ज किया गया था, जिसने COVID19 से ठीक होने के एक महीने बाद हल्के बुखार और पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द की शिकायत की थी। रोगी को शुरू में मांसपेशियों को आराम देने वाले और गैर-स्टेरायडल विरोधी भड़काऊ दवाएं दी गईं, जिससे कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद डॉक्टर ने दर्द वाली जगह का MRI स्कैन कराने का फैसला लिया।

MRI से पता चला कि उस व्यक्ति में स्पाइनल डिस्क के पास स्थित खाली जगह पर गंभीर इन्फेक्शन है। इस इन्फेक्शन के चलते रीढ़ की हड्डी को काफी नुकसान हो चुका है। हड्डी की बायोप्सी और कल्चर टेस्ट करने से पता चला कि ये सब एक इन्फेक्शन एस्परगिलस स्पेसीज की वजह से हुआ है। मेडिकल जगत में इसे एक गम्भीर, दुर्लभ और आक्रामक फंगल इन्फेक्शन माना जाता है। इसका पता लगाना काफी कठिन है। जब तक इसका पता चलता है, मरीज़ को काफी नुकसान हो चुका होता है।

अब तक तीन महीनों में, पुणे में चार COVID19 बरामद रोगियों में फंगल संक्रमण की सूचना मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, चार रोगियों का इलाज COVID19 से ठीक होने के लिए स्टेरॉयड से किया गया। कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स के लंबे समय तक उपयोग से उपचार और उपयोग की जाने वाली दवाओं के आधार पर संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।

फंगल संक्रमण, जिसे चिकित्सकीय रूप से एस्परगिलस ऑस्टियोमाइलाइटिस कहा जाता है, का निदान करना मुश्किल है क्योंकि यह स्पाइनल ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) की तरह है और यह COVID से ठीक हुए रोगियों के मुंह के गुहाओं में और शायद ही कभी फेफड़ों में भी बताया गया है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद ठीक हुए मरीजों में ब्लैक फंगस का इन्फेक्शन तेजी से देखने को मिला था। इस फंगस का नाम है म्यूकर। ये ज़्यादातर उन लोगों में देखा गया जो डायबिटीज के मरीज़ रहे है।म्यूकोमरकोसिस कोई नई बीमारी नहीं है, लेकिन कोविड पेशेंट्स में ये तेज़ी से देखी गई।

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