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सरकार ने Remdesivir इंजेक्शन और कच्चे माल पर खत्म की कस्टम ड्यूटी, अब सस्ती मिलेगी दवा

नई दिल्ली – देश में कोरोना के खतरे को देखते हुए सरकार ने रेमडेसिविर, इसके कच्चे माल और वायरल रोधी दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान पर सीमा शुल्क यानि कस्टम ड्यूटी खत्म करने की घोषणा की है। इस कदम से रेमडिसिविर इंजेक्शन की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और लागत घटाने में मदद मिलेगी। रेमडिसिविर का इस्तेमाल कोरोना वायरस के इलाज में होता है।

राजस्व विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने जन हित में इन उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी खत्म करने का फैसला किया है। जिन उत्पादों पर अब आयात शुल्क नहीं लगेगा, उनमें रेमडेसिविर एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रिडिएंट्स (एपीआई), इंजेक्शन रेमडेसिविर और रेमडेसिविर के विनिर्माण में काम आने वाली बीटा साइक्लोडेक्ट्रिन शामिल है। कस्टम ड्यूटी की यह छूट इस साल 31 अक्टूबर तक लागू रहेगी।

इससे पहले 11 अप्रैल को रेमडेसिविर की बढ़ती मांग के मद्देनजर केंद्र ने इसके इंजेक्शन और एपीआई के निर्यात को स्थिति में सुधार आने तक प्रतिबंधित कर दिया था। राष्ट्रीय औषधि मूल्य प्राधिकरण (एनपीपीए) ने पिछले सप्ताह कहा था कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद कई दवा कंपनियों ने रेमडेसिविर के दाम घटाए हैं।

– कैडिला हेल्थकेयर ने रेमडैक (रेमडेसिविर 100 एमजी) इंजेक्शन का दाम 2,800 से रुपये से घटाकर 899 रुपये कर दिया है।
– सिंजीन इंटरनेशनल ने अपने ब्रांड रेमविन का दाम 3,950 रुपये से घटाकर 2,450 रुपये कर दिया है।
– हैदराबद की डॉ रेड्डीज लैब ने रेडवाईएक्स का दाम 5,400 से घटाकर 2,700 रुपये कर दिया है।
– सिप्ला ने अपने सिपरेमी ब्रांड का दाम 4,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये कर दिया है।
– मेलान ने अपने ब्रांड का दाम 4,800 से घटाकर 3,400 रुपये कर दिया है।
– जुबिलेंट जेनेरिक्स ने अपने रेमडेसिविर का ब्रांड का दाम 4,700 से घटाकर 3,400 रुपये किया है।

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